सहरसा। जिले के प्रसिद्ध सर्जन डॉ. एके ईशर का बुधवार को उनके नया बाजार स्थित आवास पर निधन हो गया। मूल रूप से दलसिंहसराय के निवास डॉ. ईशर से अपनी जिदगी का अधिकांश हिस्सा सहरसा में ही बिताया।

सहरसा सदर अस्पताल में उनका पदस्थापन 1964 में हुआ था। उस समय जिले के वे एकमात्र सर्जन थे। डीबीरोड में उन्होंने अपन निजी क्लिनिक खोला।

एक्सरे व पैथोलोजिकल जांच की पर्याप्त सुविधा नहीं रहने के बावजूद उन्होंने एक से बढ़कर एक कठिन ऑपरेशन कर लोगों की जान बचाई। बताया जाता है कि मधेपुरा- सुपौल समेत अन्य जगहों से भी लोग इलाज के लिए उनके पास आते थे। उन्होंने चिकित्सा को अपना धर्म माना और पैसे की परवाह किए बिना पूरी जिदगी सिर्फ और सिर्फ मरीजों के इलाज में बिताया। लगभग 55-56 वर्ष सहरसा में गुजारने के कारण इस इलाके से उन्हें काफी लगाव रहा। उनके अनुज डा. डीके ईशर भी कुछ कार्यकाल के लिए सहरसा आए और चले गऐ, परंतु डा. एके ईशर ने पूरी जिदगी सहरसा को ही अपनी कर्मभूमि बनाकर रखा। उनके छोटे पुत्र प्रशांत ईशर हालांकि पैतृक गांव में ही रहे, परंतु बड़े पुत्र डा. शंकर ईशर और पुत्रवधु डा. संगीता ठाकुर ने भी उनके साथ ही काम करते रहे।

डा. ईशर के निधन पर राजनीतिक- सामाजिक कार्यकर्ताओं ने दुख प्रकट करते हुए संवेदना प्रकट की। सांसद दिनेश चन्द्र यादव ने कहा कि डा. ईशर ने जीवन पर्यन्त लोगों की सेवा की। उनके निधन से चिकित्साजगत को भारी क्षति हुई है। पूर्व सांसद पप्पू यादव, विधायक नीरज कुमार बबलू, रत्नेश सादा, अरूण कुमार, जफर आलम, विधान पार्षद नूतन सिंह, पूर्व विधायक किशोर कुमार मुन्ना, संजीव कुमार झा, डा. आलोक रंजन, सुरेन्द्र यादव,गुंजेश्वर साह, नप अध्यक्ष रेणु सिन्हा, पूर्व नप अध्यक्ष श्यामसुन्दर साह, ओमप्रकाश खेमका, राजद जिलाध्यक्ष मो. ताहीर, सीपीआई नेता ओमप्रकाश नारायण, माकपा नेता विनोद कुमार, कांग्रेस नेता कुमार हीरा प्रभाकर, डीएसएस जिलाध्यक्ष मनोज यादव समेत अन्य राजनीतिक- सामाजिक कार्यकर्ताओं व चिकित्सकों ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है।

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