संस, सहरसा : सहरसा के जिलाधिकारी आनंद शर्मा योगदान के दिन से ही अपनी सक्रियता के कारण सुर्खियों में बने हुए हैं। देर रात शहर में घूमकर जरूरतमंदों, रिक्शा चालकों और मरीजों के बीच कंबल बांटने और हर जगह कोरोना से बचाव के लिए लोगों को जागरूक कर रहे हैं।

स्कूल-कालेज जाकर 15-18 आयु वर्ग के बच्चों को टीकाकरण कराने की नसीहत दे रहे हैं। गणतंत्र दिवस के दिन भी वे बदले रूप में दिखे। उन्होंने नगर के वार्ड 33 डुमरैल में अपनी उपस्थिति में रामटोला के माहेश्वरी राम से झंडोत्तोलन कराया। इस मौके पर उन्होंने सरकार द्वारा महादलितों के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी ली और लाभ उठाने का आग्रह किया। डीएम ने स्वयं जमीन पर बैठकर महादलित बच्चों की शिक्षा-दीक्षा के संबंध में जानकारी ली। बच्चों से नाम पूछा, हाथ मिलाया और पढ़कर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने अभिभावकों से अपने बच्चों को अनिवार्य रूप से स्कूल भेजने का आग्रह किया और कहा कि कोई समस्या आए तो उन्हें जरूर बताएं।

मुख्य समारोह में झंडोत्तोलन के पश्चात उन्होंने सरकारी लिखित भाषण को तो पढ़ा ही अलग से युवाओं को सही रास्ते पर चलने के लिए कई उदाहरण से प्रेरित किया। उन्होंने अभिभावकों को बेटे की तरह बेटी को पढ़ाने का पूरजोर आग्रह किया। अपनी पत्नी का उदाहरण देते हुए डीएम ने कहा कि वह सिक्किम से ऐसे दुर्गम इलाके से आती है, जहां आज भी सड़क नहीं पहुंची है। बावजूद उसके उन्होंने भी जिले की पहली आइएएस बनकर अपने माता-पिता का नाम रोशन किया। डीएम ने सहरसा की एसपी लिपि सिंह और डीडीसी साहिला आदि की चर्चा करते हुए कहा कि बेटियों को पढ़ाएं तो वह भी आपका नाम रोशन करेगी।

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