सहरसा। रविवार से संपूर्ण बिहार में अठारह साल से ऊपर उम्र के लोगों के लिए शुरू हुए वैक्सीन अभियान की पोल पहले ही दिन सिमरी बख्तियारपुर में खुल गई।

सिमरी बख्तियारपुर अनुमंडलीय अस्पताल में करीब तीन दर्जन युवाओं ने वैक्सीन लेने के लिए सरडीहा से पहुंचे। जहां स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा टीका उपलब्ध नही होने का कारण नहीं लगाया गया। जिसपर वैक्सिन लेने पहुंचे युवाओं ने जमकर बवाल काटा। इस दौरान घंटों अफरातफरी की स्थिति बनी रही। हंगामे की जानकारी पर पहुंचे अस्पताल प्रभारी डॉ एनके सिन्हा भी पहुंचे। उन्होंने युवाओं को समझाना चाहा परंतु वो नहीं माने। स्थिति की गंभीरता देखते हुए प्रभारी ने बख्तियारपुर थाना पुलिस की मदद से मामले को शांत कराया।

हंगामे कर लोगों का कहना था कि सरकारी आदेशानुसार रविवार सुबह से 18 से 45 के उम्र के युवाओं को वैक्सीन लगाया जाना है जो नहीं लगाया जा रहा है। अनुमंडल क्षेत्र में कोरोना ने महामारी का रूप धारण कर लिया है। ऐसी परिस्थितियों में हम युवाओं को टीका लेना आवश्यक है। लेकिन चिकित्सकों द्वारा टीका नहीं लगाया जा रहा है। उन्होने यह भी कहा कि 15 वर्षों से एक ही जगह प्रभारी जमे हुए हैं। सरकारी आवास में रहने के बाद भी निजी क्लीनिक चला रहे हैं। मामूली जख्म वाले मरीज को भी सदर अस्पताल सहरसा भेज दिया जाता है। जबकि यह अस्पताल रेफरल अस्पताल है। फिर भी यहां इलाज नियमित नहीं किया जाता है।

इस संबंध में प्रभारी डा. एन के सिंह ने बताया कि हंगामा करने वाले युवाओं को दवा उपलब्ध नहीं होने की बात कहकर शांत कराया गया।

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