मोदी सरकार - 2.0 के 100 दिन

रोहतास। आधारभूत संरचना से संबंधित प्रतिवेदन विहित प्रपत्र में उपलब्ध नहीं कराने वाले जिले में संचालित लगभग तीन दर्जन उच्च व प्राथमिक सह मध्य संस्कृत विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों के वेतन को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया गया। साथ ही सभी हेडमास्टरों को एक सप्ताह के अंदर वांछित प्रतिवेदन विहित प्रपत्र में उपलब्ध कराने का सख्त निर्देश दिया है।

डीईओ प्रेमचंद ने बताया कि बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष ने बीते फरवरी माह में पत्र निर्गत कर जिले में संचालित सभी कोटि के संस्कृत विद्यालयों के आधारभूत संरचना से जुड़े प्रतिवेदन की मांग की थी। जिस आलोक में 12 फरवरी को संस्कृत विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को पत्र भेज रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया गया था। लेकिन एक भी विद्यालय से वांछित प्रतिवेदन बोर्ड को प्राप्त नहीं हो सका है। दोबारा 27 मार्च को हेडमास्टरों को पत्र भेजा गया, परंतु कोई जवाब नहीं दिया गया है। जिसे गंभीरता से लेते हुए मंगलवार को तीसरी बार पत्र निर्गत करते हुए एक सप्ताह के अंदर प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का सख्त निर्देश दिया गया है। बावजूद रिपोर्ट अप्राप्त रहता है तो संबंधित प्रधानाध्यापकों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को अनुशंसा की जाएगी। तबतक सभी प्रधानाध्यापकों का वेतन स्थगित रहेगा। बताते चले कि जिले में संचालित हो रहे संस्कृत विद्यालयों की स्थिति खास्ताहाल है। अधिकांश विद्यालय धरातल की बजाए कागज पर ही चल रहे हैं। जिस पर सिर्फ एक ही परिवार वर्षों से आधिपत्य कायम है।

Posted By: Jagran

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप