पंचायतों में खुले आरटीपीएस काउंटर के सुचारू एवं प्रभावी ढंग से संचालन एवं जन उपयोगिता को बढ़ाने के लिए केंद्र की कार्यक्षमता एवं जन उपयोगिता से संबंधित रिपोर्ट तैयार कर राज्य मुख्यालय को भेजना है।

पंचायती राज विभाग के निदेशक चंद्रशेखर सिंह ने जिला पंचायतीराज पदाधिकारी को इस संबंध में जिला में कार्यरत केंद्रों का अवलोकन एवं निरीक्षण कर समेकित प्रतिवेदन सौंपने का निर्देश दिया है। निर्देश के अनुसार प्रतिवेदन पत्र केंद्र की कार्यक्षमता एवं जन उपयोगिता की रिपोर्ट देनी है। इसके लिए विभाग ने एक प्रपत्र भी जारी किया है, जिसमें संबंधित जानकारी देनी है। जिला पंचायती राज पदाधिकारी अजय कुमार मिश्र के अनुसार मुख्यालय से मिले निर्देश के आधार पर सभी प्रखंडों में कार्यरत पंचायती राज पर्यवेक्षकों से अपने-अपने प्रखंड का समेकित रिपोर्ट देने को कहा गया है। जिले में कुल 19 प्रखंडों के 246 पंचायतों के लिए कार्यपालक सहायकों का पंचायती राज विभाग की ओर से संविदा के आधार पर चयन भी किया जा चुका है, लेकिन जिले में अभी आधे से अधिक पंचायतों में आरटीपीएस काउंटर नहीं खुल सके हैं। कमोबेश यही हश्र राज्य स्तर पर भी देखने को मिल रहा है। राज्य के कुल 8386 पंचायतों में से लगभग 3600 पंचायतों में आरटीपीएस केंद्रों की सुविधा उपलब्ध हो गई है। प्रखंड में आरटीपीएस काउंटर पर बढ़ रहे दबाव के कारण सरकार ने पंचायत स्तर पर केंद्र खोलने का निर्णय किया है, ताकि लोक सेवा अधिकार के अंतर्गत आने वाले प्रमाण पत्रों का निर्धारित समय के अंदर निष्पादन किया जा सके।

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