बिहार में तीज पर सोना खरीद रहे हैं तो सिर्फ हॉलमार्क देखकर न करें भरोसा, करें ये 7 जांच
Teej Gold Buying: तीज पर सोने की खरीदारी करते समय सिर्फ हॉलमार्क पर भरोसा न करें, बल्कि शुद्धता सुनिश्चित करने ...और पढ़ें

बिहार के बाजारों में आभूषणों की खरीदारी बढ़ी
HighLights
सिर्फ हॉलमार्क नहीं, बीआईएस केयर ऐप से करें सत्यापन।
एचयूआईडी कोड की जांच और विश्वसनीय ज्वेलर चुनें।
पक्का बिल लें और सस्ते ऑफर से बचें।
संवाद सहयोगी, डेहरी आन सोन (रोहतास)।Gold Buying 7 Checks Beyond Hallmark for Purity हरतालिका तीज नजदीक आते ही बिहार के बाजारों में आभूषणों की खरीदारी बढ़ गई है। त्योहार पर पत्नी, बेटी या बहू के लिए सोने-चांदी के गहने खरीदने की तैयारी कर रहे हैं तो थोड़ी सावधानी बेहद जरूरी है। कई दुकानदार हॉलमार्क और बीआइएस मार्क होने की बात कहकर ग्राहकों को आकर्षित करते हैं।
ऐसे में सिर्फ गहने पर हॉलमार्क का निशान देखकर खरीदारी करना भारी पड़ सकता है। नकली हॉलमार्क या फर्जी एचयूआइडी वाले गहनों से बचने के लिए खरीदारी से पहले कुछ जरूरी बातों की जांच करनी चाहिए।
1. सिर्फ हॉलमार्क देखकर न करें भरोसा
गहना खरीदते समय सबसे पहले उस पर दर्ज बीआइएस हॉलमार्क की जांच करें। केवल कोई निशान, मुहर या कोड देखकर उसे असली मान लेना सही नहीं है। गहने की शुद्धता और हॉलमार्किंग से जुड़ी जानकारी की पुष्टि करना जरूरी है।
2. एचयूआइडी कोड जरूर जांचें
गहने पर दर्ज एचयूआइडी (Hallmark Unique Identification) कोड को जरूर देखें। इस कोड के जरिए गहने की हॉलमार्किंग से संबंधित जानकारी सत्यापित की जा सकती है। खरीदारी से पहले ग्राहक को इस जांच में जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए।
3. बीआइएस केयर एप से करें सत्यापन
ग्राहक गहना खरीदने से पहले एचयूआइडी कोड को BIS Care App के माध्यम से सत्यापित कर सकते हैं। इससे हॉलमार्क की वैधता के बारे में जानकारी हासिल करने में मदद मिलती है। दुकान पर मौजूद कर्मचारी से भी जांच की प्रक्रिया समझी जा सकती है।
4. सस्ता ऑफर देखकर न फंसें
त्योहार के समय कम कीमत, भारी छूट या खास ऑफर सुनकर तुरंत खरीदारी करने से बचें। सोने की कीमत और गहने की कीमत में अंतर को समझें। बहुत कम कीमत का लालच हो तो गहने की शुद्धता और दस्तावेजों की जांच और भी जरूरी हो जाती है।
5. भरोसेमंद और पंजीकृत ज्वेलर चुनें
गहने की खरीदारी ऐसे ज्वेलर से करना बेहतर है जो बीआइएस से संबंधित नियमों का पालन करता हो। दुकान की विश्वसनीयता और जरूरी पंजीकरण की जानकारी लेने में संकोच न करें। अनजान दुकान से सिर्फ कम कीमत के कारण महंगा गहना खरीदने से बचना चाहिए।
6. बिल लेना बिल्कुल न भूलें
सोना खरीदने के बाद पक्का बिल जरूर लें और उसे सुरक्षित रखें। बिल में गहने की कीमत, वजन, शुद्धता और अन्य जरूरी विवरण स्पष्ट होने चाहिए। बिना बिल के खरीदारी करने पर आगे गहने की शुद्धता या खरीद से संबंधित विवाद होने पर ग्राहक को परेशानी हो सकती है।
7. शुद्धता पर संदेह हो तो जांच कराएं
हालमार्किंग सेंटर के सचिन जाधव, मुंबई ने बताया कि जेवर पर लगे हॉलमार्क की जांच के लिए बिल जरूरी होता है। जांच के बाद रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाती है।
हॉलमार्किंग की प्रक्रिया भारतीय मानक ब्यूरो के निर्धारित मानकों के अनुसार होती है और जेवर की शुद्धता व कैरेट की जांच के बाद ही हॉलमार्क लगाया जाता है।
डेहरी में दो हॉलमार्किंग सेंटर, एक बंद
जानकारी के अनुसार डेहरी में हॉलमार्किंग के लिए दो लाइसेंस प्राप्त सेंटर हैं। इनमें से एक सेंटर को किसी कारण और संदेह के आधार पर फिलहाल बंद किया गया है।
समय-समय पर जांच टीम की ओर से कार्रवाई भी की जाती है। शुद्धता में कमी पाए जाने पर संबंधित ज्वेलर और हॉलमार्किंग प्रक्रिया से जुड़े पक्ष के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई और जुर्माना लगाया जा सकता है।
तीज पर गहना खरीदने से पहले याद रखें ये बात
- हॉलमार्क देखें
- एचयूआइडी जांचें
- बीआइएस केयर एप से सत्यापन करें
- ज्वेलर की विश्वसनीयता देखें
- वजन और शुद्धता मिलाएं
- पक्का बिल लें
त्योहार की खरीदारी में कुछ मिनट की सावधानी आपकी हजारों-लाखों रुपये की बचत कर सकती है।
