संवाद सहयोगी, डेहरी ऑन-सोन: आंधी तूफान के साथ अचानक आई तेज बारिश होने से गर्मी के इस भीषण मौसम में जंगल समेत निकटवर्ती गांवों में उत्पन्न पेयजल की समस्या कुछ हद तक दूर होने की स्थिति बन गई है। खासकर पानी की समस्या से बेहाल पालतु समेत जंगली जानवरों को फिलहाल इससे निजात मिल गई है। इतनी भारी बारिश हुई कि पहाड़ी नदी एवं झरनों में पानी की तेज धार बहने लगी है।

हाल के दिनों में जंगली पशु प्रत्येक दिन रात में जंगल से निकलकर ग्रामीण इलाके से होते हुए सोन नदी की ओर पानी के लिए चले जाया करते थे। इस क्रम में नीमहत समेत कई गांवों में जंगली पशु( हिरण ,सांभर समेत अन्य पशु शिकारी एवं कुत्ते के शिकार हो गए। जंगल में वन विभाग द्वारा बनाए गए होज में पानी नहीं रहने के कारण वन्य पशु पेयजल के लिए झुंड के झुंड गांव के रास्ते सोन नदी आते हैं और सुबह होने से पहले पुन: जंगल में प्रवेश कर जाते हैं। वही कैमूर पहाड़ी पर बसे गांव में भारी वर्षा होने के कारण मूंग की फसलों को लाभ भी हुआ है। कैमूर पहाड़ी पर बसे नागाटोली निवासी अवधेश सिंह यादव कहते हैं कि पानी होने से जंगल में जगह-जगह पानी जमा हो गया है। अब पशुओं के चारा भी सुव्यवस्थित तरीके से मिलने लगेंगे। तेज बारिश से महादेव खोह का झरना में काफी तेज गति से बहने लगा। है, जहां जंगल में विहंगम ²श्य देखने को मिल रहा है। महादेव खोह न्यास समिति के महासचिव राधासुत सिन्हा ने बताया कि अचानक आंधी के साथ साथ तेज वर्षा होने के कारण महादेव खोह झरना में काफी तेज पानी आने लगा है।