प्रखंड क्षेत्र में प्याज की गिरती कीमतों को लेकर किसान बेहद परेशान हैं। एक तरफ लॉकडाउन की वजह से प्याज की आपूर्ति नही हो रही है । नॉनवेज भोजन की खपत कम होने से इसकी मांग में भी 50 फीसद तक की कमी आई है। प्याज उत्पादक किसानों को लागत राशि भी निकाल पाना मुश्किल है। किसानों की मानें तो प्याज की कीमत इतनी कम है कि खेत से निकाल घर ले जाने में खर्च ज्यादा लग रहा है। हालांकि कुछ किसान इस उम्मीद पर स्टोर कर रहे हैं कि महीना दो महीना बाद जरूर मांग बढ़ेगी। सोनहर निवासी किसान जितेन्द्र सिंह, संजय महतो, गिरधरिया के सुरेन्द्र महतो, घोरघट के धर्मेंद्र कुमार आदि ने बताया कि सरकार का ध्यान किसानों की बदहाल स्थिति पर नहीं है। किसान रात-दिन खेतों में कठिन परिश्रम कर अन्न व सब्जी का उत्पादन करता है, लेकिन बाजार में उसे औने-पौने दाम पर बेचना पड़ रहा है।

Posted By: Jagran

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