झारखंड-MP-UP में भारी बारिश का सोन नदी पर असर, इंद्रपुरी बराज से छोड़ा 5.63 लाख क्यूसेक पानी; बिहार में बाढ़ का खतरा
झारखंड, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में भारी बारिश के कारण सोन नदी का जलस्तर रोहतास में बढ़ गया है। ...और पढ़ें

इंद्रपुरी बराज
HighLights
इंद्रपुरी बराज से 5.63 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
सोन नदी के तटीय इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ा।
प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की।
संवाद सहयोगी, डेहरी आन सोन, (रोहतास)। सोन नदी के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र झारखंड, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में हो रही भारी बारिश का असर अब रोहतास में दिखाई देने लगा है। सोन नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। बुधवार शाम इंद्रपुरी बराज से 5 लाख 63 हजार 654 क्यूसेक पानी सोन नदी में छोड़ा गया।
भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद सोन के तटीय इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। नदी का पानी लगातार बढ़ने से आसपास के लोगों में भी चिंता बढ़ी है। प्रशासन की ओर से तटीय और निचले इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने की अपील की गई है।
कई जलाशयों से छोड़ा गया पानी बराज पर पहुंचा
सोन नदी में पानी की आवक बढ़ने की एक बड़ी वजह ऊपरी क्षेत्रों से छोड़ा गया पानी भी है। झारखंड के भीम बराज से करीब 1.45 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। उत्तर प्रदेश के रिहंद जलाशय से भी 55 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
बाणसागर से छोड़ा गया पानी भी इंद्रपुरी बराज तक पहुंचने लगा है। इससे बराज पर पानी का दबाव बढ़ गया है। आने वाले समय में जलस्तर और बढ़ने की आशंका को देखते हुए प्रशासन स्थिति पर नजर रख रहा है।
नहरों में पानी की आपूर्ति बंद
इंद्रपुरी बराज पर भारी मात्रा में पानी पहुंचने और सोन नहर के कैचमेंट क्षेत्र में भी भारी वर्षा होने के कारण नहरों में पानी की आपूर्ति बंद कर दी गई है। बराज से बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण एनिकट के घाट तक पानी पहुंच गया है।
पुराने एनिकट बराज पर चल रही पेयजलापूर्ति निर्माण योजना में लगे सामान भी पानी में डूब गए हैं। सोन नदी में बढ़े जलस्तर को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं, जिससे प्रशासन की चिंता और बढ़ गई है।
नदी किनारे नहीं जाने की अपील
एसडीएम नीलेश कुमार ने लोगों से सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की है। उन्होंने सोन नदी के घाटों, तटीय क्षेत्रों और तेज बहाव वाले इलाकों में जाने से पूरी तरह बचने को कहा है।
उन्होंने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से अपने पशुओं को तत्काल सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर ले जाने की अपील की। नदी के पास रहने वाले लोगों को स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करते हुए जरूरत पड़ने पर तुरंत ऊंचे स्थानों पर जाने को कहा गया है।
बच्चों और बुजुर्गों का रखें विशेष ध्यान
एसडीएम ने लोगों से बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने की अपील की है। बच्चों को किसी भी जलस्रोत या नदी के आसपास खेलने नहीं देने को कहा गया है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बढ़ते जलस्तर को देखने के लिए नदी या घाट के पास भीड़ न लगाएं। तेज बहाव वाले पानी से दूरी बनाए रखना ही सुरक्षित है। स्थिति को देखते हुए तटीय क्षेत्रों में प्रशासन की निगरानी जारी है।
