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सोन नदी में बढ़ा बाढ़ का खतरा, इंद्रपुरी बराज से 5.12 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा; रोहतास के 5 प्रखंडों में हाई अलर्ट

Published: Wed, 02 Sep 2026 11:10 AM (IST)

सोन नदी के कैचमेंट एरिया में भारी बारिश के कारण इंद्रपुरी बराज से 5.12 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जिससे जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है।

इंद्रपुरी जलाशय के गेट से तेजी से बह रहा पानी। जागरण

इंद्रपुरी जलाशय के गेट से तेजी से बह रहा पानी। जागरण

HighLights

  1. इंद्रपुरी बराज के सभी 69 गेट खोलकर पानी छोड़ा गया।

  2. रोहतास के पांच प्रखंडों में बाढ़ का खतरा, हाई अलर्ट।

  3. डीएम ने प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी व राहत कार्य के निर्देश दिए।

संवाद सहयोगी, डेहरी ऑन सोन (रोहतास)। सोन के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में लगातार वर्षा होने से सोन समेत अन्य नदियां उफान पर हैं।

बुधवार को सोन नदी के इंद्रपुरी बराज का सभी 69 गेटों को खोलकर लगभग 5.12 लाख क्यूसेक पानी सोन नदी में बहाया जा रहा है।

इससे डेहरी, नासरीगंज समेत अन्य प्रखंडों में सोन के तटीय क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। सुरक्षा कारणों से नहरों में पानी की आपूर्ति बंद कर दी गई है।

कई गांवों में फैला बाढ़ का पानी 

रोहतास और नौहट्टा प्रखंड के कई गांवों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। धान समेत अन्य फसलों को भी नुकसान पहुंचा है।

राष्ट्रीय राजमार्ग 119 पर भी बंजारी से आगे मालवाहक वाहनों को एहतियात के तौर पर नहीं ले जाया जा रहा है। झारखंड के भीम बराज से भी लगभग डेढ़ लाख क्यूसेक पानी सोन में पहुंच रहा है।

डीएम दीपक कुमार मिश्र ने प्रभावित इलाकों में 24 घंटे निगरानी रखने का निर्देश देते हुए अधिकारियों को लगातार चौकसी बरतने तथा राहत-बचाव कार्य शुरू करने को कहा है।

प्रसिद्ध गुप्ता धाम, तुतला भवानी मंदिर, महादेव खोह मंदिर के अलावा कशिश जलप्रपात, मांझर कुंड, धुंआ कुंड समेत अन्य जल प्रपातों पर जाने पर अगले आदेश तक प्रतिबंध लगा दिया गया है।

तटीय इलाके में क‍िया गया हाई अलर्ट 

नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने तटीय इलाकों के लिए हाई अलर्ट जारी कर दिया है। मंगलवार सुबह से ही बराज पर जलस्तर में भारी वृद्धि दर्ज की गई। 

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए शाम चार बजे बराज के कुल 69 फाटक खोल दिए गए और 4,85,156 क्यूसेक पानी नदी में प्रवाहित किया जाने लगा।

दूसरी ओर नहरों के कैचमेंट क्षेत्र में भी भारी बारिश और बराज पर पानी के भारी दबाव को देखते हुए नहरों में जलापूर्ति कम कर दी गई है। पश्चिमी संयोजक नहर में 3,924 क्यूसेक व पूर्वी संयोजक नहर में 2,008 क्यूसेक पानी ही छोड़ा जा रहा है। 

डीएम ने किया बराज का निरीक्षण, दिए निर्देश 

जिलाधिकारी दीपक कुमार मिश्रा ने मंगलवार को इंद्रपुरी बराज का निरीक्षण किया। उन्होंने जल संसाधन विभाग के अभियंताओं से बाणसागर से इंद्रपुरी बराज तक पानी पहुंचने की व्यवस्था, वर्तमान जल प्रवाह और नहर प्रणाली के संचालन की विस्तृत जानकारी ली।

कहा कि सोन नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे जिले के नौहट्टा, रोहतास, तिलौथू, डेहरी और नासरीगंज प्रखंडों के निचले व तटवर्ती इलाकों में बाढ़ और जलभराव का गंभीर खतरा पैदा हो गया है।

लोग सोन नदी के घाटों, तटीय क्षेत्रों व तेज बहाव वाले इलाकों की ओर जाने से बचें। निचले इलाकों से अपने पशुओं को तुरंत सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर ले जाएं। बच्चों को पानी के पास न जाने दें तथा बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें।

निचले इलाकों में रहने वाले लोग स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करते हुए सुरक्षित स्थानों या राहत शिविरों में चले जाएं। किसी भी आपात स्थिति या सहायता के लिए जिला आपदा प्रबंधन या स्थानीय प्रशासन के टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 06184-226093 पर तुरंत संपर्क करें।