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मैं शराबी नहीं... डॉक्टर हूं', नशे में बोतल के साथ गिरफ्तार हुए बिहार के इस जिले के सीएचसी प्रभारी

Published: Fri, 12 Jun 2026 08:59 PM (IST)

शिवसागर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अभिषेक कुंदन को शराब के नशे में गिरफ्तार किया गया है। ...और पढ़ें

प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अभिषेक कुंदन शराब के नशे में गिरफ्तार

प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अभिषेक कुंदन शराब के नशे में गिरफ्तार

HighLights

  1. डॉ. अभिषेक कुंदन शराब के नशे में गिरफ्तार हुए।

  2. उनके आवास से शराब की बोतलें बरामद की गईं।

  3. सिविल सर्जन के औचक निरीक्षण में खुलासा हुआ।

संवाद सूत्र,शिवसागर, (रोहतास)।  शिवसागर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अभिषेक कुंदन को शुक्रवार देर शाम शराब के नशे में गिरफ्तार कर लिया गया। उनके आवास से शराब की बोतलें भी बरामद हुई हैं। कार्रवाई सिविल सर्जन के औचक निरीक्षण के दौरान की गई।

अस्पताल निरीक्षण में खुली पोल

सिविल सर्जन डॉ. मणिराज रंजन अस्पताल के निरीक्षण के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अभिषेक कुंदन संदिग्ध अवस्था में मिले।

पूछताछ होने पर वे अपने आवास में जाकर अंदर से दरवाजा बंद कर लिए। इसके बाद मामले की सूचना तत्काल जिला प्रशासन, पुलिस और आबकारी विभाग को दी गई।

आवास से मिली शराब की बोतलें

पुलिस और आबकारी विभाग की टीम ने चिकित्सक के आवास की तलाशी ली। तलाशी के दौरान एक भरी हुई तथा एक आधी खाली शराब की बोतल बरामद की गई।

स्वास्थ्य परीक्षण में शराब सेवन की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

पहले से मिल रही थीं शिकायतें

सिविल सर्जन ने बताया कि उन्हें काफी दिनों से शिकायत मिल रही थी कि प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी अक्सर नशे की हालत में रहते हैं। मरीजों और उनके स्वजनों के साथ भी उनका व्यवहार संतोषजनक नहीं था।

इन्हीं शिकायतों के आधार पर शुक्रवार शाम अस्पताल का औचक निरीक्षण किया गया।

डीएम और एसपी को दी गई सूचना

निरीक्षण के दौरान स्थिति स्पष्ट होने पर सिविल सर्जन ने मामले की जानकारी तत्काल डीएम और एसपी को दी। इसके बाद पुलिस और आबकारी विभाग ने संयुक्त कार्रवाई की।

प्रशासन पूरे मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई में जुट गया है।

विभागीय कार्रवाई की भी तैयारी

सिविल सर्जन ने कहा कि मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराना चिकित्सकों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। ऐसे में ड्यूटी के दौरान शराब के नशे में पाया जाना न केवल अपराध है, बल्कि गंभीर अनुशासनहीनता भी है।

उन्होंने बताया कि जांच रिपोर्ट मिलने के बाद संबंधित चिकित्सा पदाधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी।