122 करोड़ से बना सासाराम बाइपास, 9 किमी एप्रोच रोड भी तैयार; आरा-बक्सर जाने वाले वाहनों को मिलेगा सीधा रास्ता
सासाराम शहर को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए बन रहे बाइपास का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो गया है। ...और पढ़ें

सासाराम में बाइपास का काम अंतिम चरण में। सांकेतिक तस्वीर
HighLights
सासाराम बाइपास का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है।
सितंबर में बाइपास के उद्घाटन की तैयारी चल रही है।
शहर को जाम से मिलेगी बड़ी राहत।
जागरण संवाददाता, सासाराम (रोहतास)। जाम की समस्या से हर दिन जूझ रहे सासाराम शहर के लोगों के लिए राहत की खबर है।
शहर को जाम से निजात दिलाने के लिए बनाए जा रहे बाइपास का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। शेष कार्य को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
विभागीय स्तर पर सितंबर में बाइपास के उद्घाटन की तैयारी चल रही है। इसके चालू होने के बाद शहर के भीतर भारी वाहनों का दबाव कम होने के साथ सासाराम-चौसा पथ पर आवागमन करने वाले वाहनों को भी राहत मिलेगी।
बाइपास का निर्माण अब अंतिम चरण में है और अगले कुछ दिनों में इस पर वाहनों का परिचालन शुरू होने की संभावना है।
करीब एक माह पहले डीएम दीपक कुमार मिश्रा ने संबंधित अधिकारियों को बाइपास का निर्माण कार्य जल्द पूरा करने का निर्देश दिया था।
नौ किलोमीटर लंबा एप्रोच रोड भी तैयार
करीब नौ किलोमीटर लंबे एप्रोच रोड का निर्माण भी पूरा हो चुका है। बाइपास चालू होने के बाद बक्सर और आरा की ओर जाने वाले भारी वाहन और बसें शहर के अंदर प्रवेश करने के बजाय सीधे बाइपास से गुजरेंगी।
नई यातायात व्यवस्था लागू होने के बाद डेहरी की ओर जाने वाली छोटी बसों को ही सासाराम शहर में प्रवेश की अनुमति होगी। इससे शहर के मुख्य मार्ग पर वाहनों का दबाव कम होगा और जाम की समस्या से काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद है।
122.39 करोड़ की लागत से बना बाइपास
सासाराम शहर के मुख्य मार्ग यानी पुरानी जीटी रोड को जाम से मुक्त कराने के लिए बेदा से मोकर सिंचाई नहर बांध तक करीब नौ किलोमीटर लंबे बाइपास का निर्माण कराया गया है।
पथ निर्माण विभाग ने इसे करीब 122.39 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया है। सासाराम के मुख्य मार्ग पर अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है।
इसी मार्ग पर जिला मुख्यालय समाहरणालय, अनुमंडल कार्यालय, सदर अस्पताल, रेलवे स्टेशन, नगर निगम कार्यालय, सिविल कोर्ट और जीएसटी कार्यालय समेत कई महत्वपूर्ण संस्थान स्थित हैं।
इसके कारण रोजाना बड़ी संख्या में लोगों और वाहनों की आवाजाही होती है। शहर में बढ़ते यातायात दबाव और जाम की समस्या को देखते हुए पथ निर्माण विभाग ने बाइपास फेज-वन के निर्माण के लिए 122.39 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी थी।
अब निर्माण कार्य पूरा होने के बाद इसके जल्द चालू होने से शहरवासियों को जाम से राहत मिलने की उम्मीद है।
