धनजी सिंह हत्याकांड: बक्सर का कुख्यात शेरू सिंह रोहतास पुलिस की रिमांड पर
रोहतास पुलिस ने चर्चित धनजी सिंह तिहरे हत्याकांड में बक्सर के कुख्यात हिस्ट्रीशीटर शेरू सिंह उर्फ ओंकार सिंह को रिमांड पर लिया है।

बक्सर के कुख्यात हिस्ट्रीशीटर शेरू सिंह को रोहतास पुलिस ने रिमांड पर लिया
HighLights
रोहतास पुलिस ने शेरू सिंह को रिमांड पर लिया।
धनजी सिंह तिहरे हत्याकांड में नया मोड़ आया।
जांच अब करवंदिया पुलिस द्वारा की जाएगी।
जागरण संवाददाता, सासाराम (रोहतास)। जिले की चर्चित धनजी सिंह हत्याकांड में नया मोड़ आ गया है। रोहतास पुलिस ने धनजी सिंह हत्याकांड में राज्य के कुख्यात अपराधियों की सूची में शामिल बक्सर जिला के हिस्ट्रीशीटर अपराधी शेरू सिंह ऊर्फ ओंकार सिंह को रिमांड किया है। इसकी पुष्टि एसपी राज ने किया है।
सासाराम मुफस्सिल थाना क्षेत्र के दुर्गापुर तेंदुआ मोड़ के पास वर्ष 10 अक्टूबर 2017 की देर शाम अपराधियों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर धनजी सिंह ऊर्फ लव सिंह, शशिकांत तिवारी और मंटू सिंह की हत्या कर दी थी।
इस तिहरे हत्याकांड मामले में अब तक बक्सर जिला के चंदन गुप्ता, बबली ऊर्फ पिंटू ऊर्फ राहुल कुमार सिंह, अमित कुमार, चंदन यादव ऊर्फ नीतीश कुमार, अभिषेक कुमार ऊर्फ प्रभाकर दूबे ऊर्फ अप्पू दूबे, अनीश कुमार मिश्रा ऊर्फ रुद्रा मिश्रा, प्रभाकर सिंह व सासाराम मुफस्सिल थाना क्षेत्र के भैंसही निवासी भुटाली सिंह उर्फ अमित कुमार सहित आठ अपराधियों के विरुद्ध पूर्व में आरोप पत्र समर्पित किया जा चुका है।
तिहरे हत्या हत्याकांड में औद्योगिक थाना क्षेत्र बक्सर निवासी अमित कुमार को 09 अप्रैल 2026 को रिमांड करते हुए रोहतास पुलिस ने 03 मई 2026 को आरोप पत्र समर्पित कर दिया है।
हिस्ट्रीशीटर शेरू सिंह ऊर्फ ओंकार सिंह को रोहतास पुलिस द्वारा रिमांड किए जाने के बाद इस हत्याकांड की चर्चा एक बार फिर शुरू हो चुकी है।
शेरू सिंह का नाम बिहार सहित कई राज्यों के लोगों के बीच तब चर्चा में आया था जब पटना के पारस अस्पताल में इलाजरत चंदन मिश्रा को सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
करवंदिया थाना की स्थापना के बाद तिहरे हत्याकांड का घटनास्थल करवंदिया थाना क्षेत्र अंतर्गत होने के कारण अब इस हत्याकांड का अनुसंधान करवंदिया पुलिस करेगी।
इस तिहरे हत्याकांड में अभी कई हिस्ट्रीशीटर की संलिप्तता की जांच भी लंबित है बहरहाल देखना होगा कि इस तिहरे हत्याकांड में करवंदिया पुलिस का अनुसंधान क्या रंग लाता है।
