14 साल बाद सासाराम में फिर गूंजेगी खदानों की आवाज, गायघाट-गिजुआही में खनन का रास्ता साफ
कैमूर पहाड़ी के गायघाट और गिजुआही मौजा में दो पत्थर खदानों की बंदोबस्ती प्रक्रिया मंगलवार से शुरू हो गई है, ...और पढ़ें

कैमूर पहाड़ी पर पत्थर खदानों की नीलामी आज से शुरू, रोजगार के खुलेंगे अवसर
HighLights
कैमूर पहाड़ी पर दो पत्थर खदानों की नीलामी प्रक्रिया शुरू।
गायघाट और गिजुआही मौजा में पांच साल के लिए बंदोबस्ती।
बंद खदानों से स्थानीय रोजगार और विकास को बढ़ावा मिलेगा।
जागरण संवाददाता, सासाराम (रोहतास)। कैमूर पहाड़ी के गायघाट व गिजुआही मौजा में चिह्नित दो पत्थर खदानों की बंदोबस्ती प्रक्रिया मंगलवार से शुरू हो जाएगी। बंदोबस्ती प्रक्रिया छह अक्टूबर को प्री-बिड बैठक सह प्रशिक्षण से शुरू होगी, जिसमें विभागीय अधिकारियों व कर्मियों के अलावा खदान बंदोबस्त लेने के इच्छुक निविदाकर्ता शामिल होंगे। इन्हें ई-नीलामी प्रक्रिया से अवगत कराया जाएगा।
आठ अक्टूबर से ऑनलाइन आवेदन करने का कार्य शुरू होगा, जबकि 30 नवंबर को बंदोबस्ती की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। फिलहाल दोनों पत्थर खदानों को पांच वर्ष के लिए बंदोबस्त किया जाएगा।
दोनों ब्लॉकों के फिलहाल 13 हेक्टेयर (31.272 एकड़) एरिया में खनन कार्य किया जाएगा, जिसमें गायघाट के 6.75 तथा गिजुआही के 6.50 हेक्टेयर खदान क्षेत्र शामिल हैं। नीलामी प्रक्रिया में भाग लेने वाले निविदाकर्ता अपने कागजातों को दुरुस्त करने में जुट गए हैं।
रोजगार के खुलेंगे अवसर:
जिले में लंबे समय से बंद पत्थर खनन के एक बार फिर चालू होने से लोगों में खुशी की लहर है। पत्थर उद्योग के शुरू होने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर मिलेंगे और आधारभूत संरचना निर्माण कार्यों में तेजी आएगी। गायघाट व गिजुआही मौजा ब्लॉक में दिसंबर तक खनन कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
करवंदिया एवं गिजुआही मौजा के अन्य दो ब्लॉकों में भी पत्थर खनन के लिए वन विभाग से स्वीकृति मिल गई है और यहां भी पत्थर खनन शुरू करने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है।
इस बार पुरानी नियमावली के तहत क्रशर लाइसेंस लेने का प्रावधान नहीं है और दो किलोमीटर की परिधि में बंदोबस्ती धारकों को ही क्रशर चलाने का लाइसेंस दिया जाएगा।
जून 2012 से बंद थीं पत्थर खदानें:
जिला प्रशासन ने जून 2012 में करवंदिया पहाड़ को पूरी तरह से खनन कार्य से मुक्त कर दिया था। उसके बाद प्रशासन ने जिले में पत्थर भंडारण की अनुपलब्धता का हवाला देकर बारी-बारी से संचालित लगभग चार सौ क्रशर मशीनों की भी अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) को रद कर दिया था।
प्रशासन ने दो बार पत्थर खनन पट्टा बंदोबस्त करने की प्रक्रिया भी शुरू की थी, परंतु वन विभाग से उसके क्षेत्र में एनओसी (NOC) नहीं मिलने के कारण प्रशासन को अंतिम दौर में बंदोबस्ती प्रक्रिया को रद्द करनी पड़ी थी।
बंदोबस्ती प्रक्रिया:
स्थान: समाहरणालय, सासाराम
| दिनांक | गतिविधि |
|---|---|
| 06 अक्टूबर | प्री-बिड बैठक सह प्रशिक्षण |
| 08 अक्टूबर से 19 नवंबर | ऑनलाइन निविदा अपलोड |
| 20 नवंबर | तकनीकी निविदा की जांच व मूल्यांकन हेतु डाउनलोड |
| 27 नवंबर | तकनीकी निविदा की जांच |
| 30 नवंबर | ई-नीलामी प्रक्रिया |
क्या कहते हैं अधिकारी?
गायघाट व गिजुआही मौजा के चिह्नित दो ब्लॉकों में पत्थर उत्खनन कार्य के लिए बंदोबस्ती प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। 30 नवंबर को दोनों खदानों की बंदोबस्ती प्रक्रिया ई-नीलामी के माध्यम से की जाएगी। बंदोबस्ती प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरतने का निर्देश दिया गया है। - मुकेश कुमार, जिला खनिज पदाधिकारी, रोहतास
