रोहतास: डोली आने से पहले उठी सरोज की अर्थी, मेहंदी का रंग उतरने से पहले ही उजड़ा अमृता का सुहाग
पति सरोज की सड़क हादसे में मौत हो गई, जबकि उसकी नवविवाहिता पत्नी अमृता की डोली ससुराल पहुंचने वाली थी।

संवाद सूत्र, काराकाट (रोहतास)। पत्नी की डोली ससुराल पहुंचने से पहले ही पति सरोज की अर्थी उठ गई। नवविवाहिता अमृता के हाथों की मेहंदी अभी ठीक से धुल भी नहीं पाई थी कि बुधवार की रात एक अज्ञात पिकअप चालक ने काराकाट बाजार से आगे पेट्रोल पंप के समीप हुए सड़क हादसे में उसका सुहाग छीन लिया।
अमृता को भी क्या पता था कि ससुराल पहुंचने से पहले उसके पति की अर्थी उठ जाएगी, लेकिन ईश्वर को शायद यही मंजूर था। स्वजनों के क्रंदन से पूरा गांव मर्माहत है।
मां शकुंतला देवी ने विलाप करते हुए कहा कि, "अब माई के के खोजी ए बबुआ... ड्यूटी से आवते माई के खोजत रहऽ हो दादा... हमरा हंसते-खेलते परिवार के केकर नजर लाग गइल हो दइब।"
पिता उमाशंकर राम के चेहरे पर भी कमाऊ बेटे को खोने का दर्द साफ झलक रहा था। पूर्व मुखिया व ग्रामीण धर्मेंद्र सिंह, मनोज राम सहित अन्य ने बताया कि सरोज की शादी छह माह पहले नासरीगंज थाने के शंकरपुर गांव में अमृता के साथ हुई थी।
गुरुवार को उसे मायके से विदा कराकर ससुराल यानी करूप लाने की तैयारी थी। वह घर का अकेला कमाऊ सदस्य था।
बिक्रमगंज के किसी मॉल में काम करके वह मां-बाप के साथ पूरे परिवार का भरण-पोषण करता था। वह तीन भाइयों में मंझला (बीच का) था। बड़ा भाई कोई काम नहीं करता है और छोटा अभी पढ़ रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि नो-एंट्री के कारण एनएच पर सड़क किनारे दोनों ओर खड़े रहने वाले भारी वाहनों के कारण कई जानलेवा घटनाएं घटी हैं, लेकिन पुलिस-प्रशासन के अधिकारी इसे गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। अगर एकतरफा भी वाहनों की कतार होती तो शायद सरोज की जान बच जाती।
सड़क के दोनों ओर भारी वाहनों के खड़े रहने के कारण बीच में चलना छोटे वाहन चालकों की मजबूरी बन जाती है। बता दें कि सरोज मॉल से काम के बाद घर लौट रहे थे, तभी पीछे से आ रही पिकअप वैन उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मारते हुए भाग निकली। वे खून से लथपथ वहीं गिरकर तड़प रहे थे।
सूचना पर पहुंची डायल 112 की पुलिस उन्हें इलाज के लिए अनुमंडलीय अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
