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पिता के कंधे पर उठा बेटा का जनाजा तो फफक पड़ा गांव, रोहतास में उजड़ गया हंसता-खेलता परिवार

Published: Mon, 08 Jun 2026 11:35 PM (IST)

रोहतास के उदयपुर गांव में सुरेंद्र चौधरी ने अपने दूसरे बेटे सुशील कुमार को भी खो दिया, जिनकी सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई।

उदयपुर में घटना के बाद रोते बिलखते स्वजन। (जागरण)

उदयपुर में घटना के बाद रोते बिलखते स्वजन। (जागरण)

HighLights

  1. पिता सुरेंद्र चौधरी ने अपने दोनों बेटों को खोया।

  2. दूसरा बेटा सुशील सड़क दुर्घटना में असमय काल के गाल में समाया।

  3. दस साल पहले बड़े बेटे सुनील की भी बीमारी से हुई थी मौत।

संवाद सूत्र, संझौली (रोहतास)। पिता के कंधे पर जब पुत्र का जनाजा उठा तो पूरा गांव फफक पड़ा। सबसे दिल दहलाने वाली बात है कि उदयपुर के सुरेन्द्र चौधरी के दो बेटे थे और दोनों बेटे को पिता ने कंधा देकर इस लोक से विदा किया है, उस पिता के हृदय में कितना दर्द होगा। उनका दिल कितना रोया होगा।

दो बेटे और दोनों बेटों को अपने आंखों के सामने मरते देख पिता टूट गए होंगे। आज दूसरे बेटे का अंतिम संस्कार करते उनके आंखों के आंसू थम नहीं रहे थे। लोग उन्हें ढांढस बंधा रहे थे। लेकिन कब तक..।

अपने दो बेटी जैसी बहुओं को अपने आंखों के सामने उनका सुहाग उजड़ते देख, उनका दिल कितना दर्द झेल रहा होगा। लोगों की जुबां पर यही चर्चा थी। आज अपने दूसरे बेटों को भी उन्होंने अंतिम संस्कार कर दिया।

5 साल के अबोध ने दी मुखाग्नि

पांच साल की अबोध पिता को जब मुखाग्नि दे रहा था तो सबकी आंखें नम हो आई। वह कुछ समझ नहीं पा रहा था। बता दे कि सुशील कुमार अपने बहन, भांजा को सासाराम से लेकर गांव आ रहे थे, तभी सतर बिगहवा के पास टेंपो खड़े ट्रक से टकरा गई। जिसमें सुशील गाड़ी के नीचे दब गए। रात होने के कारण करीब एक घंटे तक वह उसमें दबे रहे।

सुबह होने पर जब ग्रामीण देखे तो उन्हें काफी मशक्कत के साथ बाहर निकाला और नोखा सामुदायिक केंद्र में इलाज के लिए लाया जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृतक घोषित कर दिया।

ग्रामीण बताते है कि दस साल पहले बड़े बेटा सुनील भी बीमारी में असमय चल बसे थे। दो छोटे छोटे संतानों की परवरिश की जिम्मेदारी कौन संभालेगा।

बुजुर्ग पिता भी अपने दोनों बेटों के असमय चले जाने से टूट गए हैं। मां का भी रो-रोकर बुरा हाल है। पत्नी भी बेहोश हो जा रही है। गांव की महिलाएं किसी तरह उन्हें संभाल रही हैं। गांव में मातम पसरा है।

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