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रोहतास में पकड़े गए यूपी के 12 संदिग्धों से सनसनी: बच्चा चोर या ठग गिरोह से जुड़ा है कनेक्शन?

Published: Fri, 06 Mar 2026 03:34 PM (IST)

रोहतास के राजपुर में उत्तर प्रदेश के 12 संदिग्ध लोगों की गिरफ्तारी से हड़कंप मच गया है। कपसिया गांव से ...और पढ़ें

उत्तर प्रदेश के 12 संदिग्ध लोगों की गिरफ्तारी

उत्तर प्रदेश के 12 संदिग्ध लोगों की गिरफ्तारी

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संवाद सूत्र, राजपुर (रोहतास)। रोहतास जिले के राजपुर थाना क्षेत्र के कपसिया गांव से उत्तर प्रदेश के 12 संदिग्ध लोगों की गिरफ्तारी के बाद इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। ग्रामीणों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि कहीं इन लोगों का संबंध बच्चा चोर या किसी ठग गिरोह से तो नहीं है।

पुलिस ने इन सभी को संदिग्ध परिस्थितियों में पकड़ा है और फिलहाल उनसे पूछताछ की जा रही है। शुरुआती जांच में कई ऐसी बातें सामने आई हैं, जिनसे मामले को लेकर संदेह और गहरा हो गया है।

बरामद सामान ने बढ़ाई पुलिस की शंका

गिरफ्तार लोगों के पास से बुलेट और हीरो होंडा मोटरसाइकिल बरामद की गई है। इसके अलावा अंगूठी और मदारी दिखाने से जुड़े कुछ सामान भी मिले हैं।

पुलिस का कहना है कि आमतौर पर मदारी का खेल दिखाने वाले लोग इतने महंगे वाहन या कीमती सामान के साथ नहीं घूमते। यही कारण है कि बरामद सामान को लेकर भी कई सवाल खड़े हो रहे हैं।

एक साथ जुटने पर भी उठे सवाल

स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर ये लोग मदारी का खेल दिखाने आए होते, तो अलग-अलग गांवों और बाजारों में जाकर डेरा डालते।

लेकिन सभी संदिग्धों का एक ही जगह पर इकट्ठा होना ग्रामीणों के लिए आश्चर्य का विषय बना हुआ है। इसी वजह से लोगों के बीच तरह-तरह की आशंकाएं व्यक्त की जा रही हैं।

ग्रामीणों में बढ़ी आशंका और चर्चा

गांव के लोगों का कहना है कि गिरफ्तार सभी संदिग्ध लगभग एक ही उम्र के हैं और देखने में भी किसी गिरोह के सदस्य जैसे लग रहे हैं।

इसी कारण गांव और आसपास के इलाकों में बच्चा चोरी या ठगी से जुड़े गिरोह की आशंका को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

हर एंगल से जांच में जुटी पुलिस

राजपुर थाना पुलिस फिलहाल पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। गिरफ्तार सभी संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है और उनके आपराधिक इतिहास की भी जानकारी जुटाई जा रही है।

पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि ये लोग वास्तव में मदारी का खेल दिखाने आए थे या किसी अन्य आपराधिक गतिविधि के इरादे से बिहार पहुंचे थे।