जागरण संवाददाता, सासाराम : रोहतास। खेतों में पराली जलाने व उससे निकली चिगारी से दूसरे किसानों की फसलों के जलने को ले प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार किया है। इसे ले डीएम धर्मेंद्र कुमार के निर्देश पर शुक्रवार को जिला कृषि पदाधिकारी संजयनाथ तिवारी द्वारा सासाराम, शिवसागर, करगहर, कोचस व नोखा प्रखंड में फसल अवशेष जलाए जाने से संबंधित चिह्नित स्थलों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के क्रम में सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारी, कृषि समन्वयक व किसान सलाहकारों को डीएओ ने निदेश दिया कि फसल अवशेष जलाने पर प्लॉटवार सर्वे कर किसानों का पंजीकरण संख्या रद्द करना सुनिश्चित करें। साथ ही ऐसे किसानों पर कड़ी अनुशासनिक कार्रवाई की जाए। इस कार्य में जिस कर्मी द्वारा लापरवाही बरती जाएगी, उसे गंभीरता से लिया जाएगा।

डीएओ ने कहा कि रोहतास जिले में सैकड़ों कृषकों द्वारा स्ट्रारीपर से भूसा भी बनवाया जा रहा है। जिले में कंबाईन हार्वेस्टर के संचालन के लिए कुल 122 पास निर्गत किया गया है। रबी फसल कटनी मौसम में फसल अवशेष जलाने के विरुद्ध इस वर्ष अब तक कई किसानों पर दंडात्मक कार्रवाई की गई है। जिसमें नोखा प्रखंड में कृषक रामएकबाल चौधरी, पिता- पारसनाथ चौधरी, ग्राम- सत्तरबिगहा, अशोक कुमार, पिता राजेंद्र चौधरी, ग्राम- बरांव ( डंगरा टोला ), बलिराम चौधरी, पिता- शिवबचन चौधरी, ग्राम सत्तरबिगहा, प्रमोद कुमार पांडेय, पिता- देववंश पांडेय, ग्राम- बरांव ( मनिपुर ), विभूतिनारायण पांडेय, पिता- महादेव पांडेय, ग्राम- बरांव ( मनिपुर) व विजयशंकर पांडेय, पिता- रामदयाल पांडेय, बरॉव ( मनिपुर), इसके अलावा डेहरी प्रखंड में एक, करगहर में 13 , कोचस में तीन एवं शिवसागर में चार कुल 27 कृषकों का निबंधन रद किया गया है। इन किसानों को तीन वर्षों तक कृषि विभाग द्वारा सभी लाभ से वंचित रखा जाएगा। डीएओ ने बताया कि प्रखंड सासाराम में ग्राम पंचायत समरडिहां के जन प्रतिनिधि, मुखिया, पंचायत समिति सदस्य, चार वार्ड सदस्य व अन्य किसानों द्वारा मुफस्सिल थाना में तथा नोखा प्रखंड अंतर्गत धर्मपुरा ओपी में फसल अवशेष जलाने के विरुद्ध 11 प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।

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