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2023 से बंद पाली ROB का 13 करोड़ से चल रहा काम, स्ट्रक्चर तैयार; आवागमन शुरू होने पर आया अपडेट

Published: Wed, 16 Sep 2026 03:37 PM (IST)

डेहरी-ऑन-सोन का पाली रेलवे ओवरब्रिज मई 2023 से बंद है, जिससे स्थानीय लोगों को आवागमन और व्यापार में भारी परेशानी ...और पढ़ें

अधूरा पड़ा पाली रेलवे पुल। जागरण

अधूरा पड़ा पाली रेलवे पुल। जागरण

HighLights

  1. पाली रेलवे ओवरब्रिज मई 2023 से यातायात के लिए बंद है।

  2. पुल बंद होने से डेहरी का व्यापार और आवागमन प्रभावित हुआ।

  3. रेलवे का लक्ष्य दिसंबर तक पुल को पुनः चालू करना है।

संवाद सहयोगी, डेहरी आन सोन (रोहतास)। विक्रमगंज-डेहरी मुख्य सड़क को जोड़ने वाला पाली रेलवे ओवरब्रिज (ROB) मई 2023 से यातायात के लिए बंद है।

करीब तीन वर्ष से पुल बंद रहने के कारण आसपास के गांवों और कस्बों के लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। इसका सीधा असर डेहरी के बाजार और व्यापार पर भी पड़ा है।

पुल से जुड़े कई गांवों के लोग खरीदारी के लिए अब डेहरी के बजाय दाउदनगर जाना पसंद कर रहे हैं। पुल के निर्माण की समय सीमा पहले भी कई बार बढ़ाई जा चुकी है।

आधिकारिक रूप से दो बार निर्माण की अवधि बढ़ाई गई, जबकि स्थानीय लोगों के अनुसार मौखिक रूप से भी कई बार समयसीमा बढ़ाई गई।

पुल की मरम्मत और नवीकरण के लिए सितंबर 2024 में रेलवे की ओर से करीब 13 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे। निर्माण पूरा करने का लक्ष्य सितंबर 2025 रखा गया था, लेकिन निर्धारित अवधि में काम पूरा नहीं हो सका।

कब तक चालू होगा पाली आरओबी?

रेलवे कंस्ट्रक्शन विभाग के एसएसई कुमार जैनेन्द्र के अनुसार आरओबी का स्ट्रक्चर तैयार हो चुका है। अब पाइलिंग का काम पूरा होने के बाद उस पर स्ट्रक्चर रखकर पुल को यातायात के लिए चालू किया जाएगा।

छह पायों के लिए 30 मीटर तक पाइलिंग की जानी है। 24 मीटर के बाद पानी और बालू की अधिकता के कारण पाइलिंग में तकनीकी समस्या आ रही थी।

उन्होंने बताया कि इसके बाद डिजाइन में संशोधन किया गया है। नौ पाइलिंग के लिए डिजाइन को मंजूरी मिल चुकी है। इसी महीने पाइलिंग का काम पूरा करने का लक्ष्य है। सब कुछ ठीक रहा तो दिसंबर तक आरओबी का निर्माण पूरा कर यातायात बहाल किया जा सकता है।

पुल बंद रहने से किसे हो रही परेशानी?

पाली आरओबी कई गांवों को डेहरी से जोड़ता है। आयर, कोठा, मझियाव, दरिहट सहित आसपास के गांवों के लोगों के लिए डेहरी बाजार तक पहुंचना आसान था।

पुल बंद होने के बाद लोगों को दूसरे रास्तों से लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है। इससे समय और परिवहन खर्च दोनों बढ़ गए हैं।

स्थानीय निवासी सरयू प्रसाद का कहना है कि पुल बंद रहने का असर डेहरी के कारोबार पर भी पड़ा है। उनके अनुसार आसपास के कई गांवों के लोग रोजमर्रा की जरूरतों का सामान खरीदने के लिए डेहरी आने के बजाय दाउदनगर जाना पसंद कर रहे हैं।

मरीजों के लिए भी बढ़ी मुश्किल

मकराईं निवासी कुसुम देवी के अनुसार पुल बंद होने से गंभीर मरीजों को समय पर डेहरी के अस्पताल पहुंचाने में परेशानी होती है। उनका कहना है कि वैकल्पिक मार्ग से जाने में अधिक समय लगने के कारण आपात स्थिति में समस्या बढ़ जाती है।

रेलवे ट्रैक पार करना बना जोखिम

पाली निवासी मंटू कुमार के अनुसार पुल बंद होने के कारण कुछ लोग दूरी बचाने के लिए रेलवे ट्रैक पार करने का जोखिम उठाते हैं। इससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। उनका कहना है कि पुल का निर्माण जल्द पूरा होने से लोगों को सुरक्षित आवागमन का रास्ता मिल सकेगा।

लगातार उठता रहा है निर्माण जल्द पूरा करने का मुद्दा

पाली आरओबी के निर्माण में हो रहे विलंब को लेकर स्थानीय संगठनों की ओर से कई बार धरना-प्रदर्शन भी किया जा चुका है।

पूर्व मुखिया बेरकप हरिशंकर सिंह के नेतृत्व में करीब दो वर्ष पूर्व भी पुल निर्माण जल्द पूरा कराने की मांग को लेकर धरना दिया गया था। हाल की बैठक में काराकाट सांसद राजाराम सिंह ने भी रेलवे के जोनल महाप्रबंधक के समक्ष मामले को उठाया है।

आरटीआई कार्यकर्ता राम बाबू की ओर से मांगी गई सूचना के जवाब में रेलवे के लोक सूचना पदाधिकारी ने 31 मार्च तक हर हाल में आरओबी को चालू करने का लक्ष्य निर्धारित किए जाने की जानकारी दी थी। हालांकि इसके बाद भी पुल पर यातायात शुरू नहीं हो सका है।