रोहतास। सरकार सात निश्चय के नाम पर बिहार के लोगों को ठगने का काम कर रही है। पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने बुधवार को तिलौथू में उक्त बातें प्रेस वार्ता में कही। उन्होंने कहा कि राज्य में चल रही पुरानी

योजनाओ व केंद्र प्रायोजित योजनाओं का नाम बदलकर सात निश्चय का नाम दे दिया गया है।

कहा कि नीतीश कुमार ने चुनाव में राज्य के बेरोजगारों को बेरोजगारी भत्ता देने का वायदा किया था अब कभी कहते हैं कि 25 वर्ष से ज्यादा उम्र के लोगों को बेरोजगारी भत्ता नहीं दिया जाएगा। तो कभी कहते हैं कि आईटीआई व कौशल विकास से प्रशिक्षणार्थियों को बेरोजगारीभत्ता नहीं दिया जाएगा। अब वे मुकर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड की घोषणा भी अब तक अमल में नहीं आई। अब मुख्यमंत्री कह रहे है उनकी पहल पर राज्य के बैंकों ने चार लाख छात्रों को उच्च अध्ययन हेतु ऋण दिया गया, जबकि यह भी केंद्र की योजना है।

उन्होंने सरकार से जरूरतमंद छात्र-छात्राओं को अध्ययन हेतु ऋण देने हेतु 500 करोड़ का फंड बनाने का सुझाव दिया है। उन्होंने कहा कि हर घर में शौचालय व गरीबी रेखा के लोगों को मुफ्त बिजली देने की योजना भी केंद्र की है। जिसे वे सात निश्चय में शामिल कर माल महाराज के मिर्जा खेलस होली की कहावत को चरितार्थ कर रहे है। मौके पर पूर्व मंत्री रामाधार ¨सह, पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष निवेदिता ¨सह, महामंत्री सुधीर शर्मा, पूर्व विधायक सत्यनारायण यादव, जवाहिर प्रसाद, राजेश्वर राज, जिला अध्यक्ष राधा मोहन पांडेय सहित मौजूद थे।

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