तंत्र-मंत्र से लेकर शॉर्ट सर्किट तक…; बिहार के इस जिले में रहस्यमयी आग से लोग परेशान, पहुंचे अधिकारी
अकोढ़ीगोला के अहरांव गांव में एक महीने से अधिक घरों में रहस्यमयी आग लगने से दहशत है। ग्रामीण अंधविश्वास के ...और पढ़ें

अपने आप लग रही आग से लोगों में दहशत। सांकेतिक तस्वीर
HighLights
अहरांव गांव में एक महीने से रहस्यमयी आग की घटनाएं।
ग्रामीणों में दहशत, कुछ लोग तंत्र-मंत्र से जोड़ रहे।
एसडीएम-एएसपी ने दौरा कर अंधविश्वास से बचने को कहा।
संवाद सूत्र, अकोढ़ीगोला (रोहतास)। आयरकोठा थाना क्षेत्र के अहरांव गांव में बीते लगभग एक महीने से आधा दर्जन से अधिक घरों में अपने आप आग लगने की घटनाओं से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
आग लगने के कारणों का अब तक पता नहीं चल सका है, जिससे गांव में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। कुछ लोग अंधविश्वास के चलते इन घटनाओं को तंत्र-मंत्र और जादू-टोने से जोड़ रहे हैं।
स्थिति यह है कि कुछ ग्रामीणों ने मां काली की पूजा-पाठ, हवन और आराधना तक कर डाली, लेकिन आग लगने की घटनाएं नहीं रुकीं। कभी दिन में तो कभी रात के अंधेरे में किसी न किसी के घर अचानक आग लग जा रही है।
धुएं के बाद उठने लगती है लपटें
ग्रामीणों के अनुसार आग लगने से पहले घरों से धीरे-धीरे धुआं निकलने लगता है और फिर देखते ही देखते आग की लपटें उठने लगती हैं। इससे लोग पूरी तरह भयभीत हैं।
सबसे पहले आग मनोज पासवान के खेत में रखे पुआल में लगी थी। इसके बाद किशुन राम के घर रात में आग लग गई। इसी तरह क्रमवार गांव के आधा दर्जन से अधिक घरों में दिन और रात के समय आग लगने की घटनाएं सामने आई हैं।
लोगों में हमेशा यह डर बना रहता है कि अगला नंबर किसका होगा। शुरुआत में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया गया, लेकिन कई स्थानों पर जहां आग लगी, वहां बिजली के तार तक नहीं हैं।
कोई इसे खाना बनाते समय निकली चिंगारी से जोड़ रहा है, तो कोई असामाजिक तत्वों की करतूत या आपसी दुश्मनी में आगजनी की आशंका जता रहा है। हालांकि, अब तक हकीकत स्पष्ट नहीं हो सकी है।
एसडीएम और एएसपी पहुंचे गांव, किया आगाह
शनिवार को मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम नीलेश कुमार और एएसपी अतुलेश झा ने गांव पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया।
एसडीएम ने बताया कि आग लगने के पीछे प्राकृतिक कारण भी हो सकते हैं। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे तंत्र-मंत्र और अंधविश्वास के चक्कर में न पड़ें।
उन्होंने कहा कि यदि आगे भी ऐसी घटनाएं होती हैं तो गांव में मजिस्ट्रेट की तैनाती की जाएगी और जरूरत पड़ने पर सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएंगे।
अब तक किशुन राम, मुसहरी राम, हीरालाल राम, जगन्नाथ राम उर्फ डंडल, प्रदीप पासवान, धनजी राम, जुलूस राम और दुखन राम के घरों में कई बार आग लग चुकी है। इन घटनाओं में फूस की झोपड़ियां जलकर पूरी तरह राख हो गई हैं।
