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सिर्फ खाने वाला नहीं, चिप्स बनाने वाला आलू उगाइए; रोहतास में 25 हेक्टेयर का क्लस्टर; रोसेटा किस्‍म पर 75% अनुदान

Published: Sat, 24 Oct 2026 04:21 PM (IST)

रोहतास जिले में चिप्स और वेफर्स के लिए उपयुक्त लेडी रोसेटा आलू की खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों ...और पढ़ें

रोहतास में 25 हेक्‍टेयर में होगी रोसेटा आलू की खेती।

रोहतास में 25 हेक्‍टेयर में होगी रोसेटा आलू की खेती।

HighLights

  1. लेडी रोसेटा आलू की खेती पर 75% अनुदान।

  2. चिप्स और वेफर्स उद्योग के लिए उपयुक्त किस्म।

  3. रोहतास में 25 हेक्टेयर का क्लस्टर बनेगा।

राम अवतार चौधरी, डेहरी ऑन-सोन (रोहतास)। जिले में चिप्स और वेफर्स निर्माण के लिए उपयुक्त लेडी रोसेटा आलू की खेती को बढ़ावा देने के लिए अनुदान का प्रविधान कर किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

राज्य योजना के तहत संचालित आलू क्षेत्र विस्तार कार्यक्रम में निर्धारित 25 हेक्टेयर क्षेत्र में खेती के लिए आवेदन किया गया है।

उद्यान विभाग के अनुसार, कोचस प्रखंड की कुचिला पंचायत में 25 हेक्टेयर का क्लस्टर बनाया जाएगा। प्राप्त आवेदनों की जांच के बाद निर्धारित नियमों और पात्रता के आधार पर किसानों का चयन किया जाएगा।

75 प्रतिशत तक मिलेगा अनुदान

इस योजना के तहत चयनित किसानों को टिश्यू कल्चर से संवर्धित आधार बीज और निर्धारित लागत के अनुसार खेती के लिए अनुदान दिया जाएगा।

किसानों को अधिकतम 75 प्रतिशत तक अनुदान दो किस्तों में उपलब्ध कराने का प्रविधान है। इस योजना में रैयत और गैर-रैयत दोनों श्रेणियों के निबंधित किसान निर्धारित शर्तों के अनुसार लाभ ले सकेंगे। प्रति किसान न्यूनतम 0.25 एकड़ और अधिकतम पांच एकड़ तक की खेती के लिए अनुदान देय होगा।

चिप्स और वेफर्स उद्योग के लिए खास किस्म 

लेडी रोसेटा आलू की ऐसी किस्म है, जिसका उपयोग मुख्य रूप से चिप्स और वेफर्स बनाने में किया जाता है। इसकी लाल त्वचा, सफेद गूदा और कम शर्करा की मात्रा इसे खाद्य प्रसंस्करण के लिए उपयुक्त बनाती है।

यह फसल सामान्यतः 70 से 90 दिनों में तैयार हो जाती है। अनुकूल परिस्थितियों में इसका औसत उत्पादन 200 से 300 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक हो सकता है।

इस किस्म की खेती से किसानों को स्थानीय बाजार के साथ-साथ आलू प्रसंस्करण इकाइयों तक पहुंच बनाने का अवसर मिल सकता है।

खेती के लिए उपयुक्त समय

रबी मौसम में लेडी रोसेटा आलू की बुआई का उपयुक्त समय अक्टूबर के अंतिम सप्ताह से नवंबर के दूसरे सप्ताह तक माना जाता है।

प्रति हेक्टेयर लगभग 30 क्विंटल बीज की आवश्यकता होती है। ऐसे में निर्धारित समय पर गुणवत्तापूर्ण बीज और तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध होने से किसानों को बेहतर उत्पादन हासिल करने में मदद मिल सकती है।

विभाग की इस पहल से जिले में आलू के प्रसंस्करण आधारित खेती को प्रोत्साहन मिलने और किसानों के लिए आय के नए अवसर खुलने की उम्मीद है।

कहते हैं अधिकारी

Rohtas

लेडी रोसेटा आलू का क्षेत्र विस्तार राज्य योजना के अंतर्गत क्लस्टर आधारित कार्यक्रम है। जिले में 25 हेक्टेयर का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जबकि इसके विरुद्ध लगभग 25 हेक्टेयर के लिए आवेदन प्राप्त हुए हैं। क्लस्टर चयन करने के उपरांत संबंधित चयनित प्रखंड की पंचायत से सॉफ्टवेयर के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन प्राप्त किए जा रहे हैं। आवेदन हार्टिकल्चर बिहार पोर्टल के माध्यम से लिए जा रहे हैं। आवेदनों की जांच के बाद निर्धारित मापदंडों के अनुरूप पात्र किसानों का चयन कर उन्हें बीज एवं इनपुट अनुदान का लाभ दिया जाएगा।
जितेंद्र कुमार, जिला उद्यान पदाधिकारी रोहतास