डेहरी आन सोन। मध्यप्रदेश के बाणसागर जलाशय से आश्वासन के तीन दिनों बाद भी बिहार के हिस्से का पानी नहीं छोड़े जाने से इंद्रपुरी बराज पर जल संकट गहराने लगा है। बराज से नहरों में खरीफ फसल के लिए पानी की आपूर्ति नगण्य हो गई है। तीन दिनों पूर्व केंद्रीय जल आयोग को मध्यप्रदेश सरकार द्वारा आश्वासन के बावजूद अब तक बाणसागर से पानी नही छोड़ा गया है। नहरों में पानी की आपूर्ति बाधित होने से सोन कमांड के आठ जिलों में खरीफ फसल के बीज तैयार करने को ले किसान परेशान है। स्थानीय सांसद व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा ने केंद्रीय जल संसाधन मंत्री नितिन गडकरी से बुधवार को बाणसागर से बिहार के हिस्से का पानी दिलाने की मांग की है।

जल संसाधन विभाग मॉनीट¨रग सेल के अनुसार इंद्रपुरी बराज से गत 30 मई को बाणसागर व रिहंद से पानी मिलने की उम्मीद में खरीफ फसल के लिए नहरों में पानी छोड़ा गया। उस समय रिहंद जलाशय से जल विद्युत परियोजना के चालू रहने से नियमित लगभग 6000 क्यूसेक पानी बराज पर पहुंच रहा था। रिहंद द्वारा फिलवक्त जल विद्युत परियोजना के सिर्फ एक यूनिट चलने से बराज पर जल संकट गहरा गया है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय जल आयोग द्वारा आयोजित संयुक्त परिचालन समिति की बैठक में आगामी जुलाई तक के लिए पानी का कोटा रिहंद जलाशय से निर्धारित कर दिया गया है। कहा कि जून माह में पॉइंट 302 मिलियन एकड़ पानी रिहंद जलाशय से प्राप्त होना है, वहीं जुलाई माह में 127 मिलियन एकड़ फीट पानी बराज को प्राप्त होगा। वही बाणसागर एकरारनामा के अनुसार 10 लाख एकड़ फीट पानी नियंत्रित रूप से मिलना है, लेकिन प्रतिवर्ष बाणसागर द्वारा सोन के हिस्से का पानी नही दिया जा रहा है। कभी पॉण्ड लेवल तक पानी नही होने, तो कभी मेंटेनेंस की राशि की मांग को लेकर बाणसागर बिहार के हिस्से का पानी देने से हाथ खड़ा कर दे रहा है।

पांच करोड़ का भुगतान हुआ पर नहीं मिला पानी

मुख्य अभियंता रामेश्वर चौधरी ने बताया कि गत शुक्रवार को बाणसागर परियोजना को मेंटेनेंस का पांच करोड का भुगतान किया गया। भुगतान के बाद उन्हें आश्वासन देने के बावजूद पानी नही छोड़ा गया। मामला सरकार के संज्ञान में आने पर इसकी शिकायत केंद्रीय जल आयोग से की गई। आयोग ने मध्यप्रदेश व बिहार के जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को तलब किया।सोमवार को हुई बैठक में पानी छोड़े जाने पर सहमति बनी। आज तक वहां से पानी छोड़े जाने की कोई सूचना नही मिली है। जिस कारण विभागीय अधिकारी के साथ किसानों के चेहरे मुरझा गए है। मुख्य अभियंता चौधरी के अनुसार सरकार बाणसागर व रिहंद से पानी की मांग को ले प्रयास किया जा रहा है। स्थानीय सांसद व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा ने भी केंद्रीय जल संसाधन मंत्री नितिन गडकरी से बाणसागर से बिहार के हिस्से का पानी दिलाने की मांग की है। आज बराज पर रिहंद जलाशय के एक जल विद्युत केंद्र के चलने से 1600 क्यूसेक पानी वहां से प्राप्त हो रहा है। जबकि ऊपरी जल ग्रहण क्षेत्र से लगभग 2500 क्यूसेक पानी बराज पर प्राप्त हो रहा है। जिसमें से पूर्वी संयोजक नहर को 405 व पश्चिमी संयोजक नहर को 1960 क्यूसेक पानी दिया गया है।

By Jagran