जिले में अवैध रूप से संचालित होने वाले पैथोलॉजी, डायग्नोस्टिक सेंटर व नर्सिग होम की भरमार है। कोर्ट के आदेश के बाद भी स्वास्थ्य विभाग अबतक मानक को ताक पर रख संचालित होने वाले जांच घर व निजी अस्पतालों की सूची जारी कर अपने कर्तव्य को पूरा कर लिया। लेकिन उसपर ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी। यही वजह है कि अभी भी नए जांच घर व डायग्नोस्टिक सेंटरों के खुलने का सिलसिला जारी है। सबसे अधिक सासाराम में अवैध रूप से पैथोलॉजी, डायग्नोस्टिक सेंटर व नर्सिग होम संचालित हो रहे हैं। ये सभी संस्थान मानक के अनुरूप संचालित नहीं हो रहे हैं।

एक सप्ताह पूर्व स्वास्थ्य विभाग ने कोर्ट के आदेश के आलोक में अवैध व मानक से इतर संचालित होने वाले नर्सिंग होम, जांच घर व डायग्नोस्टिक सेंटर के विरूद्ध कार्रवाई करने का निर्देश सिविल सर्जन को दिया था। जिसमें 77 संस्थानों की सूची जारी की गई थी। साथ ही सीएस को कार्रवाई संबंधित प्रतिवेदन को भी प्रतिदिन विभाग के वेबसाइट पर अपलोड करने का भी टास्क सौंपा गया है। चिह्नित संस्थानों से किसी प्रकार की सेवा नहीं लेने का भी निर्देश दिया है। इसकी सूची सीएस कार्यालय के सूचना पट पर अंकित करने को कहा है। लेकिन अभी भी अवैध घोषित संस्थानों में धरल्ले से सभी काम हो रहे हैं। सिविल सर्जन डॉ. जनार्दन शर्मा ने बताया कि अवैध रूप से संचालित होने वाले सभी संस्थानों के विरूद्ध विभागीय निर्देश के आलोक में कार्रवाई की जाएगी। सबसे अधिक सासाराम में 47, नोखा व डेहरी में छह-छह, बिक्रमगंज में तीन, दिनारा व तिलौथू में चार-चार, डालमियानगर, कोचस व करगहर में एक-एक व नासरीगंज में दो अवैध जांच घर व डायग्नोस्टिक सेंटर को चिह्नित किया गया है।

Posted By: Jagran

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