रोहतास। प्रखंड क्षेत्र के कुम्हऊ गांव में गुरुवार को में कृषि विभाग के तत्वावधान में किसान संवाद गोष्ठी का आयोजन किया गया। उद्घाटन जिला कृषि पदाधिकारी सुरेंद्र नाथ तिवारी ने किया । गोष्ठी में किसानों को यूरिया का प्रयोग कम से कम करने तथा जैविक विधि से खेती करने के लिए जोर दिया गया।

डीएओ ने बताया कि नाइट्रोजन का अधिक प्रयोग करने से खेत की उर्बरा शक्ति धीरे-धीरे क्षीण होती जा रही है। ऐसे में किसानों के लिए रासायनिक उर्वरक खासकर नाइट्रोजन से निर्भरता कम कर जैविक उर्वरक का प्रयोग लाभकारी सिद्ध होगा। उन्होंने किसानों को नैनो यूरिया का प्रयोग तथा मवेशियों के अवशेषों को अधिक से अधिक अपने खेतो में डालने के लिए कहा । जिससे मिट्टी में मित्र कीट की सुरक्षा होती है तथा रोग प्रतिरोधक शक्ति में भी वृद्धि होती हैं । उन्होंने कोरोना महामारी का जिक्र करते हुए किसानों को समझाया कि जिस व्यक्ति में रोग प्रतिरोधी क्षमता अधिक रही, उसे इस वायरस से लड़ने में मदद मिली और वे स्वस्थ रहे। जिस व्यक्ति मे रोग प्रतिरोधक क्षमता कम रहती उसे कोरोना अपने कब्जे मे करके मौत के घाट उतार देता था। इसी तरह खेत की मिट्टी की भी स्थिति यही है। अध्यक्षता पूर्व मुखिया अरविद तिवारी ने की। इस दौरान उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों की बातों पर अमल करने के लिए अपने पचायत के सभी किसानों को कहा । जिससे उपज बढे तथा उत्पादन लागत कम हो। रासायनिक उर्वरकों का प्रयोग कम करने की बात कही गई। वहीं इफ्को के प्रबंधक डॉ. रमेश कुमार ने सारिका जाइम, नैनो यूरिया, मिट्टी जांच समेत कृषि से संबंधित विभिन्न जानकारी किसानो को दी। इस मौके पर दर्जनों गरीब, असहाय, दिव्यांग लोगों को ठंड से बचने के लिए कंबल का वितरण किया गया। गोष्ठी में शलेंद्र तिवारी, दिवाकर तिवारी, उमेश सिंह कोचस, शशिकांत सिंह, प्रेम शंकर सिंह, कमलाकांत सिंह, विनोद सिंह, अनुप कुमार सिंह समेत दर्जनों किसान उपस्थित रहे।

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