डेहरी-डालमियानगर में जमीन का होगा विशेष सर्वे, मालिकाना हक से लेकर रास्ते तक का दर्ज होगा ब्योरा
बिहार के छह शहरी निकायों में पायलट प्रोजेक्ट के तहत डेहरी-डालमियानगर नगर परिषद क्षेत्र में विशेष भूमि सर्वेक्षण शुरू किया ...और पढ़ें

नगर परिषद कार्यालय ने शुरू की तैयारी। फाइल
HighLights
डेहरी-डालमियानगर में विशेष भूमि सर्वेक्षण पायलट प्रोजेक्ट के तहत।
निजी और सरकारी भूमि के स्वामित्व का विस्तृत अभिलेख बनेगा।
आधार, मोबाइल नंबर सहित सभी अधिकार अभिलेख में दर्ज होंगे।
उपेंद्र मिश्र, डेहरी ऑन सोन (रोहतास)। बिहार के छह शहरी निकायों में पायलट प्रोजेक्ट के तहत विशेष भूमि सर्वेक्षण कराया जाएगा। इसमें रोहतास जिले के डेहरी-डालमियानगर नगर परिषद क्षेत्र को भी शामिल किया गया है।
इसके लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने अधिसूचना जारी कर दी है। सर्वेक्षण के लिए अंचल कार्यालय से आधा दर्जन अमीन और कर्मियों की प्रतिनियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की गई है।
अधिसूचना के अनुसार, डेहरी-डालमियानगर नगर परिषद क्षेत्र के सभी वार्डों और उनमें शामिल गांवों की जमीन का सर्वेक्षण अंतिम प्रकाशन के स्तर तक कराया जाएगा।
निजी के साथ सरकारी जमीन भी होगी शामिल
इसमें निजी जमीन के साथ केंद्र और राज्य सरकार की भूमि भी शामिल होगी। सर्वेक्षण के बाद जमीन के स्वामित्व, क्षेत्रफल, दखल और उससे जुड़े अधिकारों का विस्तृत अभिलेख तैयार किया जाएगा।
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की 14 अक्टूबर, 2026 को जारी अधिसूचना के अनुसार, यह व्यवस्था राजपत्र में प्रकाशन की तिथि से प्रभावी होगी।
राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में राजस्व गांवों का विशेष भूमि सर्वेक्षण पहले से जारी है। अब शहरी निकायों में भी इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है।
डेहरी-डालमियानगर नगर परिषद की स्थानीय सीमाओं के भीतर आने वाले सभी वार्डों और गांवों की बाहरी सीमाओं के अंदर स्थित भूमि का सर्वेक्षण किया जाएगा। इसमें मालिकाना हक से लेकर लगान और जमीन तक पहुंचने के रास्ते से जुड़े अधिकारों का ब्योरा भी दर्ज होगा।
आधार और मोबाइल नंबर से लेकर स्वामित्व तक का ब्योरा
अधिकार अभिलेख में प्रत्येक रैयत अथवा अधिभोगी का नाम, पिता या पति का नाम, पत्राचार का पता, आधार नंबर और मोबाइल नंबर दर्ज किया जाएगा।
जमीन का क्षेत्रफल, उसमें संबंधित व्यक्ति का हिस्सा और उस पर बने भवनों का विवरण भी शामिल होगा। एकल स्वामित्व वाले भवनों के साथ बहुमंजिला भवनों में एक से अधिक मालिक होने की स्थिति में बहुस्वामित्व का ब्योरा भी दर्ज किया जाएगा।
इसके अलावा, जमीन धारक की श्रेणी, भू-धृति की प्रकृति, स्थायी भू-धृति की स्थिति और लगान बढ़ोतरी से संबंधित पात्रता की जानकारी भी अभिलेख में शामिल होगी।
लगान, रास्ते और जलापूर्ति के अधिकार भी होंगे दर्ज
सर्वेक्षण के दौरान देय लगान, उसके निर्धारण का आधार और समय-समय पर हुई बढ़ोतरी का विवरण दर्ज किया जाएगा। लगान किसी संविदा, न्यायिक आदेश या अन्य आधार पर तय हुआ है, इसकी जानकारी भी अभिलेख में शामिल होगी।
जमीन तक पहुंचने के रास्ते और अन्य सुविधाओं से जुड़े अधिकारों का भी ब्योरा तैयार किया जाएगा। इसके साथ ही कृषि कार्य के लिए नदी, झील, तालाब, कुएं या अन्य स्रोतों से पानी के उपयोग तथा जलापूर्ति के साधनों की मरम्मत और रखरखाव से संबंधित अधिकारों एवं दायित्वों को भी दर्ज किया जाएगा।
शहरी भूमि सर्वेक्षण के नियमों में हुआ संशोधन
शहरी क्षेत्रों में भूमि सर्वेक्षण की प्रक्रिया को सुचारु बनाने के लिए बिहार विशेष सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त नियमावली में वर्ष 2026 में संशोधन किया गया था।
डेहरी-डालमियानगर में इससे पहले शहरी भूमि सर्वेक्षण का पायलट प्रयोग किया गया था। अब छह शहरी निकायों के लिए जारी अधिसूचना के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
कहते हैं अधिकारी
राजस्व अधिकारी तौकीर अहमद ने बताया कि पायलट परियोजना के तहत डेहरी-डालमियानगर नगर परिषद क्षेत्र में विशेष भूमि सर्वेक्षण कराने के लिए आधा दर्जन अमीन और कर्मियों की प्रतिनियुक्ति का प्रस्ताव जिला बंदोबस्त पदाधिकारी को भेजा गया है। नगर परिषद क्षेत्र में जल्द ही विशेष सर्वेक्षण का कार्य शुरू किया जाएगा।
