रोहतास में फर्जी प्रमाण पत्र पर नौकरी करने वाले शिक्षक पर निगरानी की कार्रवाई, DSP ने दर्ज कराई FIR
रोहतास के अकोढ़ीगोला में फर्जी प्रमाण पत्र पर नौकरी कर रहे शिक्षक अब्दुल हयात अंसारी के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ...और पढ़ें

फर्जी प्रमाण पत्र पर नौकरी पाए शिक्षक पर निगरानी ने कराई प्राथमिकी

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संवाद सूत्र, अकोढ़ीगोला (रोहतास)। प्रखंड क्षेत्र के कन्या विद्यालय अकोढ़ी में फर्जी प्रमाण पत्र पर नौकरी करने वाले नियोजित शिक्षक अब्दुल हयात अंसारी के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के डीएसपी पवन कुमार ने प्राथमिकी कराई है। हालांकि, शिक्षक ने एक सप्ताह पहले ही व्यक्तिगत कारणों से इस्तीफा भी दे दिया है। इसके पूर्व भी वे विवादों में घिरे रहे हैं तथा जेल भी जा चुके हैं।
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के डीएसपी ने प्राथमिकी में कहा है कि नियोजित शिक्षक अब्दुल हयात अंसारी के शैक्षणिक प्रमाण पत्रों की जांच के दौरान गंभीर अनियमितता पाई गई। जांच में उनके द्वारा प्रस्तुत फोकानिया एवं मौलवी के अंक पत्र और प्रमाण पत्र को फर्जी पाया गया।
बताया जाता है कि उक्त प्रमाण पत्र झारखंड अधिविद्य परिषद रांची के नाम पर प्राप्त किया गया था, लेकिन सत्यापन के दौरान वे जाली निकला। कार्रवाई की भनक लगते ही शिक्षक ने एक सप्ताह पूर्व ही पारिवारिक समस्या का हवाला देते हुए बीडीओ रविरंजन को अपना त्याग पत्र सौंप दिया था।
डीएसपी ने कहा कि निगरानी विभाग की जांच पहले से ही चल रही थी, जिसमें सच्चाई सामने आई है। थानाध्यक्ष राकेश गोसाई ने बताया कि निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के आवेदन के आधार पर स्थानीय शिक्षक के खिलाफ प्राथमिकी कर ली गई है।
इधर, ग्रामीणों का कहना है कि वे पहले से ही पूर्व विवादों में घिरे रहे हैं तथा छेड़खानी मामले में जेल भी जा चुके हैं। थानाध्यक्ष ने कहा कि फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर सरकारी सेवा प्राप्त करना एक गंभीर अपराध है और दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
फर्जी प्रमाण पत्र पर नौकरी कर रहे अन्य शिक्षकों में निगरानी की कार्रवाई को देख हड़कंप मचा हुआ है। विदित हो की पूर्व में भी फर्जी प्रमाण पत्र पर शिक्षक की नौकरी कर रहे कुछ शिक्षकों ने त्याग पत्र दे दिया था। सूत्रों की माने तो अभी भी तीन दर्जन से अधिक शिक्षक फर्जी प्रमाण पत्र पर नौकरी कर रहे हैं।
