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18 साल से फाइलों में अटकी आरा-मुंडेश्वरी रेल परियोजना को फिर मिलेगी रफ्तार? चिराग ने रेल मंत्री को लिखा पत्र

Published: Sat, 22 Aug 2026 02:56 PM (IST)

18 वर्षों से लंबित आरा-मां मुंडेश्वरी धाम रेल परियोजना को पुनर्जीवित करने की उम्मीद जगी है, जब चिराग पासवान ने ...और पढ़ें

आरा मुंडेश्वरी रेल परियोजना का निर्माण कार्य प्रारंभ करने के लिए केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान से मिलते चंदन तिवारी।

आरा मुंडेश्वरी रेल परियोजना का निर्माण कार्य प्रारंभ करने के लिए केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान से मिलते चंदन तिवारी।

HighLights

  1. 18 साल से अटकी आरा-मुंडेश्वरी रेल परियोजना को गति।

  2. चिराग पासवान ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को लिखा पत्र।

  3. परियोजना से धार्मिक पर्यटन, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

संवाद सूत्र, दिनारा (रोहतास)। वर्षों से अधर में पड़ी आरा-मां मुंडेश्वरी धाम रेल परियोजना को एक बार फिर गति मिलने की उम्मीद जगी है।

करीब 18 वर्षों से फाइलों में अटकी इस महत्वाकांक्षी परियोजना के निर्माण कार्य को दोबारा शुरू कराने की पहल की गई है।

दिनारा प्रखंड के बेलहन निवासी एवं लोजपा (रामविलास) के युवा प्रकोष्ठ के प्रदेश महासचिव चंदन तिवारी ने केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान को पत्र सौंपकर परियोजना को पुनर्जीवित कराने का आग्रह किया।

चंदन तिवारी के आग्रह पर केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर आरा-मां मुंडेश्वरी धाम रेल परियोजना के निर्माण कार्य को पुनः शुरू कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।

21 अगस्त को लिखे गए इस पत्र के बाद परियोजना को लेकर शाहाबाद क्षेत्र के लोगों की उम्मीदें फिर से बढ़ी हैं।

चिराग पासवान ने रेल मंत्री से की आवश्यक कार्रवाई की अपील

रेल मंत्री को भेजे पत्र में चिराग पासवान ने कहा है कि चंदन तिवारी ने आरा-मां मुंडेश्वरी धाम रेल परियोजना के निर्माण कार्य को पुनः प्रारंभ कराने का आग्रह किया था।

उन्होंने रेल मंत्री से मामले पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देने का अनुरोध किया है।

मंत्री के स्तर से रेल मंत्रालय को पत्र भेजे जाने के बाद अब क्षेत्रवासियों की नजर परियोजना को लेकर होने वाली अगली कार्रवाई पर टिकी है।

2008 में हुआ था शिलान्यास, 18 साल से काम का इंतजार

आरा से मां मुंडेश्वरी धाम को रेल नेटवर्क से जोड़ने वाली इस परियोजना का शिलान्यास 14 दिसंबर 2008 को तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने किया था।

शिलान्यास के बाद क्षेत्रवासियों को रेल संपर्क की सुविधा मिलने की उम्मीद जगी थी, लेकिन वित्तीय संसाधनों की कमी समेत विभिन्न कारणों से परियोजना आगे नहीं बढ़ सकी।

करीब 18 वर्षों से परियोजना के अधर में रहने के कारण शाहाबाद क्षेत्र के लोगों में निराशा रही है। लंबे समय से लोग इस रेल परियोजना को दोबारा शुरू कराने की मांग करते रहे हैं।

धार्मिक पर्यटन को मिल सकता है बड़ा बढ़ावा

मां मुंडेश्वरी धाम देश के प्राचीन धार्मिक स्थलों में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। यहां बिहार के अलावा विभिन्न राज्यों से श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। धाम तक रेल संपर्क स्थापित होने से श्रद्धालुओं के आवागमन को काफी सुविधा मिल सकती है।

रेल सेवा शुरू होने से क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ होटल, परिवहन, छोटे कारोबार और अन्य स्थानीय गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है।

व्यापार और रोजगार के लिए भी अहम परियोजना

परियोजना के पूरा होने से शाहाबाद क्षेत्र में व्यापार और रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं। बेहतर रेल संपर्क मिलने से आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को बड़े बाजारों तक पहुंच आसान होगी। इससे स्थानीय उत्पादों के कारोबार को भी लाभ मिलने की संभावना है।

यही वजह है कि क्षेत्रवासी लंबे समय से इस परियोजना को पुनर्जीवित करने की मांग कर रहे हैं। चंदन तिवारी की पहल पर केंद्रीय मंत्री द्वारा रेल मंत्री को पत्र लिखे जाने के बाद अब इस परियोजना को लेकर उम्मीद जगी है।

यदि रेल मंत्रालय की ओर से निर्माण कार्य दोबारा शुरू कराने की दिशा में ठोस कदम उठाया जाता है, तो वर्षों से कागजों में अटकी आरा-मुंडेश्वरी रेल परियोजना शाहाबाद क्षेत्र के विकास के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।