पूर्णिया। कार्य में लापरवाही पर एक कृषि समन्वयक को छोड़कर बैसा एवं बायसी के सभी कृषि समन्वयकों एवं दो कृषि सलाहकारों के वेतन पर अगले आदेश तक के लिए रोक लगा दिया गया है। जिला कृषि पदाधिकारी सुरेंद्र प्रसाद ने समीक्षा के क्रम में दोनों प्रखंडों में चल रही योजनाओं में अपेक्षित प्रगति नहीं पाए जाने पर उक्त कार्रवाई की है। डीएओ बुधवार को कृषि फार्म खुश्कीबाग में बैसा एवं बायसी प्रखंड के कृषि कर्मियों के साथ समीक्षा बैठक कर रहे थे। बैठक में डीएओ ने सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारी, कृषि समन्वयक एवं कृषि सलाहकार को अपने-अपने पंचायतों का भ्रमण करने का निर्देश दिया तथा प्रखंड कृषि पदाधिकारी को प्रत्येक शनिवार को समीक्षा कर अधोहस्ताक्षरी को उपलब्ध कराने को कहा।

जिला कृषि पदाधिकारी ने बैठक में विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की। धातु कोठिला योजना के तहत लक्ष्य के अनुरूप आवेदन प्राप्त कर उसका वितरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। कृषि यांत्रिकरण के लिए ऑनलाइन आवेदन लेने में तेजी लाने का निर्देश दिया गया।

बताया गया कि सूक्ष्म पोषक तत्व वितरण का कार्य बैसा प्रखंड में 12 हेक्टेयर एवं बायसी में 08 हेक्टेयर में किया गया है। डीएओ ने इससे अधिक से अधिक किसानों को लाभान्वित करने का निर्देश दिया।

जैविक खेती प्रोत्साहन कार्यक्रम के तहत बनमनखी द्वारा 130 यूनिट, अमौर द्वारा 18 आवेदन प्राप्त होने की जानकारी दी गई। वहीं बैसा, बायसी एवं डगरूआ द्वारा पक्का यूनिट निर्माण हेतु एक भी आवेदन नहीं लिया गया है। डीएओ ने अविलंब आवेदन लेकर निर्माण कार्य कराने की चेतावनी प्रखंड कृषि पदाधिकारी को दिया। मिट्टी नमूना संग्रह में बायसी प्रखंड में सबसे ज्यादा 2297 नमूना संग्रह किए जाने की जानकारी दी गई। अमौर में 1892 एवं बनमनखी में 2262 मिट्टी नमूना संग्रह किया गया है। उन्होंने अवशेष बचे मिट्टी जांच प्रयोगशाला में भेजने का निर्देश दिया। डीएओ सुरेंद्र प्रसाद ने कहा कि सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारी, कृषि समन्वयक, किसान सलाहकार आदि को कहा कि कार्य के प्रति लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी योजनाओं को तेजी से सरजमीन पर उतारें।

Posted By: Jagran