पूर्णिया। वासंतिक नवरात्र को लेकर बनमनखी अनुमंडल क्षेत्र के दुर्गा मंदिरों में देवी आराधना और पूजा अर्चना से माहौल भक्तिमय बन गया है। बुधवार को सिद्धिदात्री माता की पूजा अर्चना भक्ति भाव से की गई। वहीं रामनवमी को लेकर महाबीर मंदिरों में भी श्रद्धालुओं की भीड़ रही। गुरुवार को विजयादशमी है।

चैती नवरात्र को लेकर सभी भगवती मंदिरों में कोरोना गाइडलाइंस का पालन करते हुए श्रद्धालु पूजा अर्चना के लिए पहुंच रहे हैं। रामनगर फरसाही पंचायत के सिकटिया, चोपड़ा बाजार, सहुरिया सुभाय मिलिक पंचायत के नारायणपुर व अन्य जगहों पर माता दुर्गा व अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमाएं स्थापित की गई है। देवी आराधना अनुष्ठान से आसपास का माहौल भक्तिमय हो गया है। इधर विभिन्न मंदिरों व पूजा पंडालों में देवी प्रतिमाओं को आकर्षक तरीके से सुसज्जित किया गया है। मैया की भक्ति भाव से पूजा अर्चना, हवन-पूजन व मंत्रोच्चार से माहौल भक्तिमय बना हुआ है। बुधवार को नवरात्र व्रत रखकर श्रद्धालु महिलाएं देवी की पूजा आराधना पूरे मनोयोग से कीं। वहीं मंदिरों में पूजा अर्चना के बाद कन्या भोजन कराया गया। श्रद्धालुओं ने 10 वर्ष से कम उम्र की कन्याओं में देवी की स्वरूप का दर्शन व पूजन कर उन्हें सम्मानपूर्वक भोजन कराया। पंडित सच्चिदानंद, पंडित मुन्ना झा, प्रमोद कुमार झा, पंडित सुनील कुमार झा, पंडित मुन्ना पाण्डेय व अन्य ने जानकारी दी कि माता भगवती शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, स्कंधमाता, कुष्मांडा, कात्यायिनी, कालरात्रि, महागौरी व सिद्धिदात्री के रूप में पूंजी जाती हैं। ये सभी माता भगवती के ही रूप हैं। कुआंरी कन्याओं को भोजन कराना भी इस पूजन का हिससा है। बोले कि यह परंपरा सदियों से चली आ रही हैं। इस दौरान मंदिर और घरों में शंख व घंटे की ध्वनि गूंजती रही।

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