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नोएडा से असम जा रहे कंटेनर से 12 करोड़ के स्मार्टफोन गायब, बिहार के अररिया में खड़ी मिली गाड़ी; पुलिस भी हैरान

Published: Fri, 12 Jun 2026 09:43 PM (IST)

ग्रेटर नोएडा से असम जा रहे 12 करोड़ रुपये के स्मार्टफोन से भरा कंटेनर बिहार के अररिया में लावारिस मिला, ...और पढ़ें

नोएडा से गुवाहाटी के लिए चले कंटेनर से करोड़ों के मोबाइल पार

नोएडा से गुवाहाटी के लिए चले कंटेनर से करोड़ों के मोबाइल पार

HighLights

  1. ग्रेटर नोएडा-असम कंटेनर से 12 करोड़ के स्मार्टफोन चोरी।

  2. बिहार के अररिया में लावारिस मिला खाली कंटेनर।

  3. पुलिस ने SIT बनाई, ड्राइवरों पर संदेह, अंतरराज्यीय गिरोह।

राजीव कुमार, जागरण संवाददाता, पूर्णिया। उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा से असम के गुवाहाटी के लिए स्मार्टफोन लेकर चले एक कंटेनर से करीब 12 करोड़ रुपये के कीमती मोबाइल हैंडसेट गायब होने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। चौंकाने वाली बात यह है कि वारदात के बाद तस्कर इस विशाल कंटेनर को बिहार के अररिया नगर थाना क्षेत्र में लावारिस हालत में छोड़कर फरार हो गए।

अररिया SP ने बनाई SIT, रियलमी, ओप्पो और वनप्लस के फोन थे लोड

मामले की गंभीरता को देखते हुए अररिया के पुलिस अधीक्षक (SP) जितेंद्र कुमार ने तुरंत एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। बताया जाता है कि इस कंटेनर (संख्या- KA 02 AJ 1157) में रियलमी, ओप्पो और वनप्लस जैसी नामी कंपनियों के महंगे मोबाइल फोन लदे थे। यह कंटेनर 6 जून को ग्रेटर नोएडा के वेयरहाउस से रवाना हुआ था, जिसे राम सिंह नामक ट्रांसपोर्टर से किराए पर लिया गया था।

हरियाणा के ड्राइवर और खलासी ने बीच रास्ते में बदला रूट

कंटेनर को मु. साहिब और मु. तालीम (दोनों निवासी जिला पलवल, हरियाणा) नामक दो चालक लेकर चले थे। 6 जून को रवाना होने के बाद 7 जून से ही दोनों चालकों ने फोन उठाना बंद कर दिया। फास्टैग डेटा की जांच से पता चला कि 7 जून की शाम करीब 7 बजे वाहन ने अंतिम बार हरियाबाड़ा टोल प्लाजा को पार किया था। इसके बाद पकड़े जाने के डर से चालकों ने टोल कैमरों और पुलिस से बचने के लिए हाईवे छोड़ कच्चे रास्तों का इस्तेमाल किया।

टोल प्लाजा के CCTV कैमरों में खुला राज, यूपी में ही तोड़ा गया सील

एसआईटी (SIT) की जांच में यह बड़ा खुलासा हुआ है कि शातिर चोरों ने इस कंटेनर का सील बिहार पहुंचने से पहले उत्तर प्रदेश की सीमा के भीतर ही तोड़ दिया था और मोबाइल के पैकेट गायब कर दिए थे। यूपी के गोरखपुर के पास एक टोल प्लाजा के सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर कंटेनर का लॉक पहले से ही खुला होने की पुष्टि हुई है। चोरों ने इसके बाद खाली कंटेनर को लाकर अररिया पेट्रोल पंप के पास खड़ा कर दिया।

आधे से ज्यादा मोबाइल गायब, 5 फीट गहरे सस्पेंस में पुलिस

8 जून को जब अररिया पुलिस ने लावारिस खड़े इस कंटेनर को जब्त कर जांच की, तो उसमें कुल 1143 मोबाइल सेट के पैकेटों में से केवल 531 पैकेट ही मिले, जबकि 612 कीमती हैंडसेट के पैकेट गायब थे। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, घटना के बाद से ही मुख्य चालक मु. साहिब और खलासी मु. तौफीक के मोबाइल नंबर बंद आ रहे हैं। पुलिस को शक है कि इस पूरे कांड का मास्टरमाइंड यही स्टाफ है।

अपराधियों के गढ़ पलवल और नूंह पहुंची बिहार पुलिस की टीम

फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अररिया पुलिस की एक विशेष टीम हरियाणा के पलवल जिला पहुंच चुकी है, जहां छापेमारी जारी है। चूंकि हरियाणा का पलवल और नूंह (मेवात) जिला ऐसे संगठित अपराधों के लिए काफी संवेदनशील माना जाता है, इसलिए पुलिस वहां आरोपियों के पुराने आपराधिक इतिहास और गिरोह की कुंडली खंगाल रही है।

पिछले साल भी इसी कंपनी से उड़ाई थी 3 करोड़ की खेप

पुलिस जांच में एक और चौंकाने वाली लापरवाही सामने आई है। जिस कंपनी के 12 करोड़ के मोबाइल गायब हुए हैं, उसी कंपनी के कंटेनर से पिछले साल 10 मार्च को राजस्थान के किशनगढ़ में भी 3 करोड़ के मोबाइल गायब कर दिए गए थे। उस घटना को भी ड्राइवर ने ही अंजाम दिया था। पुराने अनुभव से सबक न लेते हुए कंपनी ने इस बार भी कंटेनर में 'डिजिटल लॉक' का इस्तेमाल नहीं किया था, जो सुरक्षा में बड़ी चूक है।

अयोध्या और गोरखपुर के बीच रुकी थी गाड़ी, अंतरराज्यीय गैंग का हाथ

एसपी जितेंद्र कुमार ने बताया कि ट्रक के विभिन्न टोल प्लाजा से गुजरने का समय वैसे तो सामान्य था, लेकिन अयोध्या और गोरखपुर के बीच गाड़ी की टाइमिंग में असामान्य देरी दर्ज की गई है। इसी पैच के दौरान मोबाइल के डिब्बे पार किए गए। मामला चूंकि कई राज्यों से जुड़ा है, इसलिए पुलिस मोबाइल ट्रैकिंग और अंतरराज्यीय गिरोहों के इनपुट पर गहराई से काम कर रही है।

"कंटेनर से मोबाइल चोरी होने के मामले में पुलिस को कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। इस अंतरराज्यीय घटना में शामिल आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए अररिया पुलिस की विशेष टीम उत्तर प्रदेश (UP) एवं हरियाणा में कैंप कर रही है। जल्द ही इस पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करते हुए मामले का बड़ा खुलासा कर दिया जाएगा।"

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जितेन्द्र कुमार, एसपी, अररिया।