जागरण संवाददाता, पूर्णिया।

प्रशासनिक व्यवस्था को सदृढ़ एवं संवेदनशील बनाने तथा योजनाओं को सरजमीन पर पारदर्शिता के साथ क्रियान्वयन को लेकर प्रमंडलीय आयुक्त लगातार प्रयास कर रहे हैं। इसको लेकर आयुक्त गोरखनाथ ने मंगलवार को पूर्णिया, अररिया, कटिहार, किशनगंज के साथ कोशी के सहरसा, मधेपुरा, सुपौल के डीएम, डीडीसी एवं अन्य वरीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की तथा उन्हें कई निर्देश दिए। बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना, लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान, जल जीवन हरियाली अभियान एवं मनरेगा जैसे विकास योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।

आयुक्त ने प्रधानमंत्री आवास योजना में दी जाने वाली राशि के प्रथम किस्त एवं द्वितीय किस्त में भुगतान किए जाने वाले गैपिग को कम करने की मैकेनिज्म को विकसित करते हुए लाभुकों को भुगतान करने का निर्देश दिया। साथ ही साथ भौतिकी स्थिति की जांच भी करने को कहा। प्रथम किस्त लेने के बाद जो लाभुक आवास निर्माण नहीं कराने वालों पर विभागीय निर्देश के आलोक में 60 दिन के बाद संबंधित लाभुकों पर नीलाम पत्र वाद दायर करने का निर्देश दिया। डीडीसी एवं निर्देशक डीआरडीए को निर्देश दिया गया कि अपने अधीनस्थ प्रखंडों का मासिक निरीक्षण करते हुए सभी संबंधित विकासात्मक योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करना सुनिश्चित करें। सभी जिला पदाधिकारी को एक माह में एक प्रखंड का निरीक्षण एवं सभी संबंधित विकासात्मक योजनाओं का अनुश्रवण करने का निर्देश दिया गया। जांच को प्रभावी तरीके से कराने का निर्देश दिया गया। जिस प्रखंड की उपलब्धि योजनाओं के क्रियान्वयन में पिछड़ रहे हैं ।उनके प्रखंड विकास पदाधिकारी पर आवश्यक दबाव बनाते हुए उन प्रखंडों में जिला से किसी योग्य जुझारू पदाधिकारी को नोडल पदाधिकारी के रूप में प्रखंड के इन योजनाओं के अनुश्रवण करने का दायित्व सौंपने का निर्देश दिया। जिलों एवं प्रखंडों में संचालित वार रूम की साप्ताहिक समीक्षा करने का निर्देश उप विकास आयुक्त एवं निदेशक डीआरडीए को दिया गया। प्रखंड में लेखा संधारण की व्यवस्था में सुधार लाने का निर्देश दिया गया। कहा कि कैश बुक, चेक पंजी, एवं बैंक से प्राप्त लेखा विवरण के आधार पर लिखा जाना चाहिए। इंदिरा आवास के अंतर्गत द्वितीय एवं तृतीय किस्त के भुगतान में अनावश्यक विलंब ना हो इसका निष्पादन समय सुनिश्चित करें।

समीक्षा के दौरान मनरेगा योजनाओं के कार्यान्वयन की स्थिति संतोषजनक नहीं पाई गई। सभी जिलों में लक्ष्य के अनुरूप मानव दिवस का सृजन पूर्ण करने का निर्देश दिया गया। मनरेगा से संबंधित सभी योजनाओं के सघन जांच का निर्देश दिया गया। लंबित योजनाओं को शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया गया।मनरेगा से संबंधित डीपीओ, कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता ,कार्यक्रम पदाधिकारी एवं संबंधित पदाधिकारियों को नियमित रूप से संबंधित प्रखंड के पंचायत में चल रही मनरेगा योजनाओं का फील्ड विजिट नियमित रूप से करने का निर्देश दिया गया।

Edited By: Jagran