पूर्णिया। पांच दिवसीय पल्स पोलियो अभियान की शुरुआत जिले प्रतिरक्षण केंद्र में सिविल सर्जन डा. एसके वर्मा ने बच्चों को दवा पिलाकर की। सिविल सर्जन ने जिले के सभी लोगों को अपने 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को 2 बूंद पोलियो की दवा जरूर पिलाने की अपील की है। पोलियो शरीर को लकवाग्रस्त कर देने वाली एक गंभीर बीमारी है। यह किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकता है पर बच्चों में प्रतिरोधक क्षमता कम होने के कारण इससे ग्रस्त होने की संभावना ज्यादा होती है। इसलिए पोलियो को होने से पहले ही रोक देने के लिए 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को नियमित रूप से दो बूंद पोलियो की खुराक दी जाती है। उद्घाटन के दौरान सिविल सर्जन डा. एसके वर्मा के साथ जिला कार्यक्रम प्रबंधक ब्रजेश कुमार सिंह, डीसीएम संजय दिनकर, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डा. विनय मोहन, यूनिसेफ एसएमसी मुकेश गुप्ता आदि मौजूद थे।

7.76 लाख बच्चों को पिलायी जाएगी पोलियो खुराक :

जिले में कुल 7 लाख 76 हजार 052 बच्चों तक पहुंचने का लक्ष्य है। इसके लिए 1645 हाउस टू हाउस टीम, 158 ट्रांजिट टीम, 52 मोबाइल टीम व 52 एकदलीय टीम बनायी गयी है। टीम के कुल 6 लाख 73 हजार 918 घरों, ईंट भट्ठों के साथ ही गांवों में जाकर बच्चों को दवा पिलायी जाएगी। कार्य के निरीक्षण के लिए 612 सुपरवाइजर भी बनाया गया है। जिले को कुल 51 हजार 50 वायल ओपीभी की मात्रा उपलब्ध कराई गई है।

पोलियो एक खतरनाक लकवाग्रस्त बीमारी है।

क्या है पोलियो --

पोलियो ज्यादातर रीढ़ के हिस्सों व मस्तिष्क को ज्यादा नुकसान पहुंचता है। किसी भी उम्र में यह बीमारी हो सकती है लेकिन बचपन में इसके संक्रमण का खतरा ज्यादा होता है। इसलिए लोगों को अपने बच्चों को पोलियो की दवा जरूर पिलानी चाहिए। बच्चों को संपूर्ण टीकाकरण भी करवाना चाहिए जो बच्चों को 12 जानलेवा बीमारियों से बचाए रखता है। सभी स्वास्थ्य केंद्रों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों पर टीकाकरण की सुविधा उपलब्ध है।

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Edited By: Jagran