पूर्णिया। पत्नी व बेटी को गायब कर देने की शिकायत दर्ज कराने को पूरे एक माह तक कभी थाना तो कभी एसपी कार्यालय का चक्कर वह काटता रहा, लेकिन उसकी फरियाद अनसुनी रह गई। इधर पुलिस के रवैए से आरोपित का हौसला इतना बुलंद हो गया कि उसने बुधवार को पीड़ित पर चाकू से जानलेवा हमला कर दिया। फिलहाल जख्मी अस्पताल में इलाजरत है। इस मामले ने एक बार फिर पुलिस को कठघरे में खड़ा कर दिया है।

फिलहाल बाड़ीहाट में किराए पर रह रहे समीर सरकार की शिकायत दर्ज कराने की कोशिश से लेकर अस्पताल पहुंचने तक की दास्तान अपने आप में एक बड़ा सवाल है। पीड़ित समीर सरकार खीरु चौक पर फास्ट फूड की दुकान चलाता है। कुछ माह पूर्व बाड़ी हाट के संतोष पोद्दार से उसकी दोस्ती हो गई। संतोष का भाई एक सरकारी कर्मी है। पूर्व में समीर ततमा टोली छठ पोखर के समीप किराए के मकान पर रहता था। बाद में संतोष के जोर देने पर बाड़ीहाट में किराए पर मकान ले लिया। वहां संतोष का उसके घर आना-जाना शुरु हो गया। इसी क्रम में एक दिन संतोष ने समीर की बेटी से शादी का प्रस्ताव रख दिया। इससे मना करने पर गत 11 अगस्त को संतोष उसकी बेटी व पत्नी को बहला फुसलाकर कहीं लेकर चला गया। तब से समीर कभी सहायक थाना तो कभी एसपी कार्यालय का चक्कर काट रहा है। उसकी शिकायत आज तक दर्ज नहीं हो पाई है। इधर लगातार शिकायत दर्ज कराने की समीर की कोशिश से आक्रोशित संतोष ने बुधवार को अपने एक साथी के सहयोग से उसपर चाकू से हमला कर दिया। इसमें वह बुरी तरह जख्मी हो गया है। किसी तरह वह भागकर अपनी जान बचा पाया। बाद में सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंच उसे सदर अस्पताल में भर्ती कराया है।

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