Purnia Bridge Collapse: जलालगढ़-अमौर को जोड़ने वाला आसियानी ब्रिज टूटा, नदी में समाया ट्रक; 3 प्रखंडों का संपर्क भंग
पूर्णिया में जलालगढ़-अमौर को जोड़ने वाला 170 मीटर लंबा पुल बालू लदे ट्रक के गुजरते ही बकरा नदी में गिर ...और पढ़ें

Purnia Bridge Collapse: पुल टूटते ही परमान नदी में समा गया बालू लदा ट्रक! चालक ने कूदकर बचाई जान; पूर्णिया में भरभराकर गिरा 20 साल पुराना आसियानी स्क्रू पाइल ब्रिज
HighLights
पूर्णिया में 170 मीटर लंबा पुल बकरा नदी में गिरा।
बालू लदा ट्रक पुल के साथ नदी में समाया, चालक सुरक्षित।
4.03 करोड़ का पुल 17 साल में ही जर्जर होकर टूटा।
जागरण संवाददाता, पूर्णिया। Purnia Bridge Collapse: बिहार में पुलों के ध्वस्त होने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। रविवार को सीमांचल के पूर्णिया जिले में एक और बड़ा हादसा पेश आया, जहां प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क पर बना 170 मीटर लंबा पुल भरभराकर नदी में समा गया। बालू लदे एक भारी ट्रक के गुजरते ही पुल का लोहे का मुख्य स्लैब टूट गया और ट्रक समेत सीधे उफनती बकरा नदी में जा गिरा।
गनीमत रही कि ट्रक चालक ने अदम्य तत्परता दिखाते हुए समय रहते छलांग लगा दी और अपनी जान बचा ली। हालांकि, नदी के तेज बहाव और अधिक गहराई के कारण देर शाम तक ट्रक का कोई सुराग नहीं मिल पाया था। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, प्रशासन और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीम मौके पर पहुंची। एसडीआरएफ के गोताखोर बोट के सहारे नदी में समाए ट्रक की सघन खोजबीन में जुटे हैं।
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4.03 करोड़ की लागत से बना था, 17 साल में ही धराशायी : यह स्क्रू पाइल पुल जलालगढ़ प्रखंड को अमौर प्रखंड से जोड़ने वाली असियानी पंचायत के समीप बकरा नदी पर स्थित था। नाबार्ड के डीडीएम मनोज कुमार के अनुसार, वर्ष 2007-08 में इस पुल के निर्माण को वित्तीय स्वीकृति मिली थी।
वर्ष 2007-09 के दौरान निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद तत्कालीन मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव ने इस पुल का विधिवत लोकार्पण किया था। लेकिन विडंबना देखिए कि महज 17 वर्षों के भीतर ही यह पुल भ्रष्टाचार और प्रशासनिक अनदेखी की भेंट चढ़ गया।
ग्रामीण कार्य विभाग की कार्यपालक एजेंसी द्वारा 4 करोड़ 3 लाख 89 हजार रुपये की लागत से 170 मीटर लंबे इस सात स्पैन वाले पुल का निर्माण कराया गया था।
पूर्णिया के जलालगढ़-अमौर प्रखंड को जोड़ने वाली सड़क पर बकरा नदी में गिरा 170 मीटर लंबा स्क्रू पाइल पुल
पुल का स्लैब टूटते ही बालू लदा ट्रक नदी की गहराई में समाया, चालक सुरक्षित निकलने में सफल
नाबार्ड के सहयोग से 4.03 करोड़ की लागत से बना था पुल; 17 साल में ही धाराशायी हुआ निर्माण
नदी में पानी अधिक होने से ट्रक की खोज में जुटी SDRF टीम; अररिया के जोकीहाट और दर्जनों पंचायतों का संपर्क टूटा
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जर्जर था पुल, ओवरलोडिंग रोकने का नहीं था कोई संकेतक
स्थानीय ग्रामीणों में इस हादसे को लेकर भारी आक्रोश है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि पुल लंबे समय से अत्यंत जर्जर स्थिति में था। किसी सामान्य वाहन के गुजरने पर भी पूरा ढांचा थरथराने लगता था। इसके बावजूद ग्रामीण कार्य विभाग और स्थानीय प्रशासन ने भारी व ओवरलोडेड वाहनों के प्रवेश को रोकने के लिए न तो कोई बैरियर लगाया और न ही कोई चेतावनी बोर्ड या संकेतक स्थापित किया।
बालू, गिट्टी लदे ओवरलोडेड ट्रक और ट्रैक्टर इस पुल से धड़ल्ले से गुजर रहे थे। रविवार को जब अत्यधिक भार वाला बालू लदा ट्रक पुल के ऊपर पहुंचा, तो कमजोर पड़ चुका लोहे का स्लैब वजन सहन नहीं कर सका और सीधे नदी में धंस गया।
दर्जनों पंचायतों का संपर्क भंग, अररिया का मार्ग भी ठप
पुल टूटते ही पूरे इलाके में अफरातफरी मच गई और दोनों छोर पर ग्रामीणों का भारी हुजूम उमड़ पड़ा। अमौर प्रखंड के बीडीओ राजाराम पंडित ने प्रशासनिक अमले के साथ घटनास्थल का जायजा लिया और तकनीकी विभाग को सूचित किया।
पुल ध्वस्त होने से जलालगढ़ और अमौर प्रखंड की दर्जनों पंचायतों का सीधा संपर्क जिला मुख्यालय से कट गया है। इसके अलावा पड़ोसी अररिया जिले के जोकीहाट प्रखंड जाने वाला यह प्रमुख मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया है, जिससे हजारों ग्रामीणों और दैनिक यात्रियों के सामने आवागमन का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
