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पूर्णिया के पूर्व सांसद से 'बदसलूकी', थानेदार ने कहा- मेरा क्या कर लेगा; SSP ने दिए जांच के आदेश

Published: Fri, 23 Oct 2026 08:03 PM (IST)

पूर्णिया में पूर्व सांसद संतोष कुशवाहा ने सदर थानाध्यक्ष राजू कुमार पर बदसलूकी और गाली-गलौज का आरोप लगाया है। एसएसपी ...और पढ़ें

पूर्व सांसद संतोष कुशवाहा।

पूर्व सांसद संतोष कुशवाहा।

HighLights

  1. पूर्व सांसद संतोष कुशवाहा ने थानाध्यक्ष पर बदसलूकी का आरोप लगाया।

  2. थानाध्यक्ष राजू कुमार ने आरोपों को पूरी तरह से खारिज किया।

  3. एसएसपी ने सदर डीएसपी को जांच का जिम्मा सौंपा है।

जागरण संवाददाता, पूर्णिया। पूर्णिया में गुरुवार की रात बीच सड़क पर जमकर हंगामा हुआ। विवाद की शुरुआत तब हुई जब पूर्व सांसद संतोष कुशवाहा पत्नी के साथ गाड़ी से अपने आवास जा रहे थे। आगे चल रही पुलिस की गाड़ी से साइड मांगने के लिए पूर्व सांसद के ड्राइवर ने हॉर्न बजाया।

इस पर थानेदार अपने सहयोगी पुलिसकर्मियों के साथ गाड़ी से उतरे और ड्राइवर को गालियां देते हुए बदसलूकी करने लगे।

बकौल सांसद, सदर थाना के थानाध्यक्ष मेरे ड्राइवर के पास आए और उसे धमकाया, गाली-गलौज की और मारपीट करने के लिए हाथ उठाया। संभावित शारीरिक हमले को देखकर मैं उस पर चिल्लाया और रुकने को कहा।

उसी समय मेरे सुरक्षकर्मी ने हस्तक्षेप करते हुए थानाध्यक्ष को बताया कि पूर्व सांसद हैं। रुकने के बजाए, उक्त पदाधिकारी ने घमंड में उत्तर दिया, जो हो मेरा क्या कर लेगा। माहौल गरमा गया।

सांसद के समर्थक जुटने लगे तो थानाध्यक्ष वहां से निकल गए। घटना की जानकारी एसएसपी एवं आईजी को दी गई। सूचना के बाद घटनास्थल पर सदर डीएसपी वन अभिनव पराशर को भेजा गया।

पूर्व सासंद ने घटना को लेकर लिखित शिकायत एसएसपी से की है। एसएसपी डॉ. शोर्य सुमन ने इस मामले की जांच का निर्देश सदर डीएसपी वन को दिया है। परासर ने गुरुवार की रात ही पूर्व सांसद के आवास पर जाकर उनसे घटना की जानकारी ली।

सांसद की शिकायत, पुलिसकर्मियों ने घेर ली गाड़ी:

पूर्व सांसद द्वारा पुलिस को दिए आवेदन के अनुसार वह अपनी पत्नी के साथ गाड़ी से रामबाग निवास लौट रहे थे। रात करीब साढ़े आठ बजे उनकी गाड़ी फातमा अस्पताल और रामबाग के बीच रास्ते पर थी।

यात्रा के दौरान मेरे ड्राइवर ने आगे आगे चल रही गाड़ी से रास्ता मांगने के लिए सामान्य रूप से हॉर्न बजाया। हॉर्न बजाने से गुस्से में आकर सदर थाना के थानाध्यक्ष ने अपनी गाड़ी बीच सड़क पर रोक दी और रास्ता पूरी तरह से बंद कर दिया।

थानाध्यक्ष अपने साथ मौजूद चार पुलिसकर्मियों के साथ, जो सरकारी हथियारों से लैस थे, अपनी गाड़ी से बाहर निकले और मेरी गाड़ी को आक्रामक रवैये के साथ घेर लिया। गाली-गलोज करते हुए गाड़ी से बाहर निकलने को कहने लगे।

इस कृत्य से मेरे और मेरे परिवार के मन में भय तथा जान-माल की सुरक्षा को लेकर गहरा खतरा उत्पन्न हो गया। इस दौरान गाली-गलौज करते हुए थानाध्यक्ष अपनी सारी मर्यादा भूल गए। मेरे और मेरे परिवार पर चिल्लाते हुए अपमानित किया।

इस अभद्र व्यवहार से मेरे परिवार के सदस्यों में अत्यंत भय, मानसिक तनाव और असुरक्षा की भावना पैदा हो गई। साथ ही इस तरह के सार्वजनिक तमाशे से मेरी सामाजिक प्रतिष्ठा और सम्मान को भारी ठेस पहुंची है।

उन्होंने आगे कहा कि शोर-शराबा सुनकर आसपास के कई स्थानीय लोग मौके पर इकट्ठा हो गए। जनता की भीड़ जमा होते देखकर ही उक्त पदाधिकारी और उसके साथी आगे की बिगड़ती स्थिति को भांपते हुए वहां से भाग निकले।

पूर्व सासंद ने अपने साथ घटी घटना को लेकर लिखित आवेदन दिया है। इसकी जांच का जिम्मा सदर डीएसपी वन अभिनव पराशर को सौंपा गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद इस मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. शोर्य सुमन, एसएसपी, पूर्णिया

घटना को लेकर पूर्व सासंद ने फोन से सूचना दी है। इस मामले में एसएसपी को जांच कर कार्रवाई का निर्देश दिया गया है। अगर किसी जनप्रतिनिधि के साथ इस तरह की घटना घटी हैं तो इस मामले में कठोर कार्रवाई की जाएगी। - विवेकानंद, आईजी, पूर्णिया

मैं पुलिस बलों के साथ मूर्ति विसर्जन में जा रहा था। इसी दौरान पीछे से बार-बार पूर्व सांसद के वाहन का चालक हॉर्न दे रहा था। सिंगल रोड के कारण साइड देना संभव नहीं था। इस पर पुलिस कर्मियों के साथ बातचीत के क्रम में पूर्व सांसद ने ही पहले अपशब्द का प्रयोग किया। वे पूर्व सांसद को पहचानते भी नहीं थे। - राजू कुमार, थानाध्यक्ष, सदर