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पूर्णिया में डिजिटल हुई जमीन की रजिस्ट्री, अब ऑनलाइन डीड और आधार बायोमेट्रिक से काम

Published: Tue, 18 Aug 2026 12:16 PM (IST)

पूर्णिया जिले में सोमवार से सभी निबंधन कार्यालयों में पेपरलेस रजिस्ट्री शुरू हो गई है, जिसमें डीड तैयार करने से लेकर भुगतान और सत्यापन तक सब ऑनलाइन होगा।

कार्यालय पर पहुंचे लोग। (जागरण)

कार्यालय पर पहुंचे लोग। (जागरण)

जागरण संवाददाता, पूर्णिया। जिले में सोमवार से सभी निबंधन कार्यालयों में पेपरलेस रजिस्ट्री शुरू हो गई है। इस नई डिजिटल व्यवस्था के तहत अब डीड तैयार करने से लेकर स्टाम्प शुल्क का भुगतान, आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन और डिजिटल हस्ताक्षर ऑनलाइन ही संपन्न होंगे।

हालांकि नई व्यवस्था को लेकर पहले दिन काफी कम संख्या में क्रेता विक्रेता जिला निबंधन कार्यालय पहुंचे। अवर निबंधन पदाधिकारी डॉ. हरि शंकर मिश्र ने बताया कि जमीन और मकान के निबंधन को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित बनाने के लिए पेपरलेस व्यवस्था लागू की गई है।

जमीन की रजिस्ट्री का डीड और स्टाम्प शुल्क का भुगतान अब पूरी तरह ऑनलाइन होगा। पारंपरिक स्याही वाले अंगूठे के निशान या हस्ताक्षर की जगह अब आधार और बायोमेट्रिक सत्यापन तथा डिजिटल सिग्नेचर का उपयोग होगा।

रजिस्ट्री प्रक्रिया पूरी होने के बाद दस्तावेज की डिजिटल कॉपी खरीदार और विक्रेता के व्हाट्सएप या ईमेल पर तुरंत भेज दी जाएगी। उन्होंने बताया कि इससे निबंधन के काम में पूरी पारदर्शिता आएगी।

इधर, कातिब संघ ने नई व्यवस्था का विरोध करते हुए मंगलवार से हड़ताल पर जाने का एलान कर दिया है। इससे निबंधन का कार्य प्रभावित हो सकता है।

पहले दिन रजिस्ट्री कार्यालयों में काफी कम लोग पहुंचे

नई व्यवस्था लागू होने का असर पहले ही दिन निबंधन कार्यालयों में नजर आया। जहां पूर्णिया अवर निबंधन कार्यालय व अन्य अनुमंडल स्तरीय कार्यालयों में निबंधन कराने और विक्रेताओं की भीड़ रहती थी, वहां सोमवार को इक्का दुक्का ही लोग नजर आए।

जो लोग पहुंचे थे वे भी नई व्यवस्था को लेकर संशय की स्थिति में थे। सभी एक दूसरे से नई व्यवस्था के बारे में जानकारी लेने में जुटे थे। सभी चारों निबंधन कार्यालय में पेपरलेस व्यवस्था के तहत रजिस्ट्री नहीं हो पायी।

पूर्णिया अवर निबंधन कार्यालय में पुराने 60 दस्तावेजों का ही निबंधन हो पाया। वहीं बनमनखी निबंधन कार्यालय में भी एक भी रजिस्ट्री नहीं हो पाई। जबकि अमौर में पूर्व के अप्वाइंटमेंट वाले सिर्फ 27 का ही निबंधन हो पाया।

वहीं, धमदाहा में पहले चरण में ही पेपरलेस व्यवस्था लागू कर दी गई थी लेकिन सोमवार तक वहां पेपरलेस रजिस्ट्री का काम
शुरू नहीं हो पाया है। सोमवार को वहां भी दो दस्तावेजों का निबंधन हो पाया।

कातिबों ने कर दिया है हड़ताल का एलान

नई पेपरलेस व्यवस्था के खिलाफ कातिबों ने मोर्चा खोलने का निर्णय लिया है। जिले के सभी 150 रजिस्टर्ड कातिबों ने नई व्यवस्था का विरोध करने का निर्णय लिया है। कातिब संघ ने मंगलवार से हड़ताल पर जाने का एलान कर दिया है।

इससे निबंधन का कार्य प्रभावित होने की संभावना बढ़ गई हे। कातिब संघ के बिनय कुमार सिंहा ने बताया कि नई व्यवस्था क्रेता और बिक्रेताओं के लिए सुरक्षित नहीं है। इसमें न तो पक्षकारों का हस्ताक्षर रहेगा न अंगूठे का निशान।

दस्तावेज तैयार करने के दौरान ओटीपी की जरूरत होगी। ऐसे में इसके फर्जीवाडे की भी आशंका बनी रहेगी। बिक्रेताओं के पास कोई लिखित दस्तावेज नहीं रहेगा।

सभी दस्तावेज डिजिटल फार्म में रहेंगे जिस कारण इसके दुरूपयोग का भी खतरा बना रहेगा। जिन लोगों के पास मोबाइल या ईमेल नहीं हैं उनके समक्ष नई समस्या खड़ी हो सकती है।

कातिबों ने पुरानी व्यवस्था को सुरक्षित बताते हुए इसे लागू करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि नई व्यवस्था लागू होने तथा कातिबों के हड़ताल पर जाने से निबंधन कार्य प्रभावित होगा जिससे सरकार को राजस्व का नुकसान हो सकता है। जो भी हो लेकिन फिलहाल पहले दिन नई व्यवस्था के तहत एक भी निबंधन का कार्य जिले में नहीं हो पाया है।

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