पूर्णिया में शादी के 10 दिन बाद ही उजड़ गई काजल की दुनिया, पति की मौत से टूटा दुखों का पहाड़
पूर्णिया के रूपौली स्थित डुमरी गांव में शादी के मात्र 10 दिन बाद ही अमरजीत कुमार की करंट लगने से ...और पढ़ें

काजल एवं अमरजीत की फाइल फोटो

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
संवाद सहयोगी, रूपौली (पूर्णिया)। कहते हैं होनी को कोई नहीं टाल सकता। किसको पता था कि अमरजीत ने जिस काजल के संग जीवन भर साथ रहने का संकल्प लिया था, सिर्फ 10 दिन में ही साथ छोड़ कर सदा के लिए दुनिया से विदा ले लिया।
कोयली सिमडा पंचायत के डुमरी गांव के अमरजीत कुमार एवं गांव की ही काजल कुमारी की शादी 14 अप्रेल को बाबा विशुराउत मंदिर में हुई थी। दोनों साथ-साथ अपनी जिंदगी के हसीन सपनों को साकार करने में लगे थे, परंतु होनी को कुछ और ही मंजूर था।
बीती रात पत्नी काजल देवी, मां कल्पना देवी छत पर आराम कर रही थीं, जबकि अमरजीत पंखा में लाइन नहीं रहने के कारण अकेले ही घर में नीचे लाइन जोड रहा था। तभी उसे करंट लग गया, जिससे वह अचेत होकर गिर पडा।
गिरने की आवाज पत्नी एवं मां दोनों को सुनाई पड़ी, परंतु उन्हें लगा कि कोई सामान गिरा होगा। जब काफी देर बाद बिजली आने पर पत्नी एवं मां दोनों छत से उतरीं, देखा अमरजीत नीचे गिरा पडा है। दोनों चित्कार करते हुए स्वजनों को बुलाने लगीं।
तत्काल उसके स्वजन पहुंचे तथा उसे रेफरल अस्पताल इलाज के लिए पहुंचाया, परंतु चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उसके मृत होने की खबर पाते ही मानो काजल पर वज्रपात हो गया। एक ओर मां कल्पना देवी चित्कार कर रही थी, तो दूसरी ओर काजल रो-रो कर बेहोश हो जा रही थी।
बस वह इतना कह रही थी कि आखिर उसने किसी का क्या बिगाडा था कि भगवान ने उसकी जिंदगी में अंधेरा फैला दिया। वह अमरजीत के शव से लिपटकर बस यही कह रही थी, उठिये न, उसे कौन देखेगा। सात जन्मों का साथ रहने की कसम खायी थी, अभी तो उसके हाथों की मेहदी भी नहीं छूट पाई है, किसके सहारे जीयेगी।
महज दस दिनों में उनके सपने चकनाचूर हो गS थे। गरीबी के कारण अमरजीत के पिता इंदल सिंह दूसरे प्रदेश में मजदूरी करते हैं।
मौके पर मुखिया प्रतिनिधि पहाडी सिंह द्वारा तत्काल आर्थिक सहायता दी गई। उसकी मौत पर पैक्स अध्यक्ष कैलाश भारती, सामाजिक कार्यकत्र्ता सखीचंद मंडल, मुखिया चंचल कुमारी, पंचायत समिति सदस्य जीवछ पासवान, वार्ड सदस्य अनिल कुमार आदि ने पीडित परिवार को आपदा राहत के तहत चार लाख रुपये देने की मांग की है।
