पूर्णिया में जीवित बेटी के श्राद्ध में जुटे पंडित, ग्रामीणों को मिला ब्रह्मभोज का न्योता, पिता ने कराया सपरिवार मुंडन
Purnia Love Marriage Living Daughter Shraddh Feast: पूर्णिया में एक पिता ने अपनी बेटी के प्रेम विवाह से आहत होकर ...और पढ़ें

Purnia Love Marriage Living Daughter Shraddh Feast: पूर्णिया में जीवित बेटी के श्राद्ध में पंडितों ने कराए संस्कार; परिजनों ने कराया मुंडन, ग्रामीणों को दिया गया ब्रह्मभोज
HighLights
पिता ने प्रेम विवाह करने वाली जीवित बेटी का श्राद्ध किया।
पुतला जलाकर अंतिम संस्कार, सपरिवार मुंडन और पिंडदान कराया गया।
श्राद्ध के बाद ग्रामीणों को ब्रह्मभोज भी कराया गया।
कमल किशोर, हरदा (पूर्णिया)। Purnia Love Marriage Living Daughter Shraddh Feast: प्रेम जब जाति, कुल और तथाकथित सामाजिक प्रतिष्ठा की दहलीज लांघता है, तो परंपराओं के नाम पर रूह कंपा देने वाले नजारे सामने आते हैं। पूर्णिया जिले के केनगर प्रखंड अंतर्गत गंगेली पंचायत के चपय गांव में एक पिता का अपनी जीवित बेटी के प्रति उपजा आक्रोश इस कदर पराकाष्ठा पर पहुंच गया कि उसने न केवल जीवित बेटी का पुतला जलाकर अंतिम संस्कार किया, बल्कि बाकायदा पंडितों को बुलाकर विधि-विधान से पिंडदान, मुंडन और ग्रामीणों के लिए श्राद्ध भोज (ब्रह्मभोज) तक का आयोजन कर डाला।
जानकारी के अनुसार, चपय गांव निवासी मनोज गोस्वामी की पुत्री रिया का पड़ोस में ही रहने वाले मिलन के साथ बीते एक वर्ष से प्रेम प्रसंग चल रहा था। दोनों के घरों के बीच का फासला महज 150 मीटर यानी सिर्फ तीन घरों का था। दोनों परिवारों के बीच पूर्व से काफी आना-जाना था। चूंकि दोनों अलग-अलग जातियों से ताल्लुक रखते थे, इसलिए दोनों के ही परिवार इस शादी के खिलाफ थे।
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परिजनों की सख्त असहमति के बाद बीते 8 सितंबर को दोनों प्रेमी युगल चुपके से फरार हो गए। इसके बाद पिता ने मरंगा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई। पुलिस ने 12 सितंबर को दोनों को बरामद कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया। अदालत में जब युवती का धारा 164 के तहत बयान दर्ज हुआ, तो उसने साफ शब्दों में कहा कि वह बालिग है और अपनी मर्जी से मिलन के साथ जीवन बिताना चाहती है।
अदालत के बयान से आहत हुआ पिता, बुलाया गया पंडित
अदालत में बेटी द्वारा खुलेआम प्रेमी का हाथ थामने और परिवार को ठुकराने के फैसले से पिता और मायके वालों का स्वाभिमान गहरे सदमे में चला गया। पिता ने तय कर लिया कि समाज और मर्यादा की खातिर जो बेटी घर छोड़ गई, वह उनके लिए हमेशा-हमेशा के लिए मृत हो चुकी है। इसी जिद के तहत 15 सितंबर को जीवित बेटी का पुतला बनाया गया और गांव के श्मशान घाट रिया की तस्वीर को लेकर शव यात्रा निकाली। फिर मुखाग्नि देते हुए अंतिम संस्कार की रस्म निभाई गई।
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सगे-संबंधियों का मुंडन, पंडितों ने कराया पिंडदान
इसके बाद 17 सितंबर को पूरे वैदिक विधि-विधान से श्राद्ध संस्कार की प्रक्रिया शुरू की गई। इसके लिए बाहर से बाकायदा पुरोहितों (पंडितों) को आमंत्रित किया गया। पंडितों की मौजूदगी में वेदी बनाकर मंत्रोच्चार के बीच पिता मनोज गोस्वामी ने अपने सपरिवार नख-बाल कटवाए और सामूहिक मुंडन कराया। पुरोहितों के कहे अनुसार बाकायदा गंगाजल, तिल, कुश और जौ के साथ जीवित पुत्री के नाम पर पिंडदान किया गया।
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रिश्तेदारों को भेजा न्योता, ग्रामीणों को कराया गया भोज
इस श्राद्ध कर्म को केवल प्रतीकात्मक औपचारिकता तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि इसे सामाजिक रूप से पूरी तरह सार्वजनिक किया गया। इसके लिए दूर-दराज रहने वाले सगे-संबंधियों और रिश्तेदारों को विधिवत आमंत्रण भेजा गया। श्राद्ध संस्कार संपन्न होने के बाद गांव भर के लोगों को न्योता देकर बैठाया गया और पारंपरिक ब्रह्मभोज कराया गया। जीवित बेटी के नाम पर आयोजित इस अनोखे और स्तब्ध कर देने वाले श्राद्ध भोज को देखकर उपस्थित हर शख्स अवाक रह गया।
पूर्णिया के केनगर प्रखंड स्थित चपय गांव में प्रेम विवाह से आहत पिता ने जीवित बेटी का पूरे विधि-विधान से कराया श्राद्ध कर्म
दाह संस्कार और पिंडदान के लिए बाकायदा बुलाए गए पंडित; मंत्रोच्चार के बीच पिता सहित परिजनों ने नख-बाल कटवाकर कराया मुंडन
सगे-संबंधियों को भेजा गया औपचारिक निमंत्रण; श्राद्ध संस्कार के उपरांत ग्रामीणों को बैठाकर कराया गया परंपरागत ब्रह्मभोज
महज 150 मीटर दूर रहने वाले पड़ोसी युवक से युवती ने की थी कोर्ट मैरिज; अदालत में युवती के बयान के बाद पिता ने तोड़े सारे संबंध
उधर, लड़के के बड़े पिता (ताऊ) प्रकाश पासवान ने बताया कि दोनों बालिग हैं और अदालत के समक्ष उन्होंने कानूनी विवाह कर लिया है। लड़के के परिवार ने इस रिश्ते को पूर्ण मान्यता दे दी है। हालांकि, दोनों के घरों के बीच महज 150 मीटर की दूरी होने और लड़की पक्ष के अत्यधिक गुस्से व तनाव को देखते हुए मिलन ने रिया को फिलहाल अपने किसी दूर के रिश्तेदार के यहां सुरक्षित ठिकाने पर रखा हुआ है। गांव में यह अनोखा श्राद्धकर्म हर किसी की जुबान पर चर्चा का केंद्र बना हुआ है।
