पूर्णिया : नियमित टीकाकरण कार्यक्रम में जिला पिछड़ रहा है। अमौर, बैसा और बायसी जैसे प्रखंडों में प्राकृतिक आपदा और नेटवर्क की समस्या के कारण नियमित टीकाकरण महज 70 फीसदी हुआ है।

केंद्र सरकार नियमित टीकाकरण से वंचित बच्चों को शामिल करने के लिहाज से मिशन इंद्रधनुष कार्यक्रम चल रही है। जिले में पिछले कई वर्षो से चरणबद्ध तरीके से मिशन का संचालन कर वंचित बच्चों तक पहुंचा जा रहा है।

दो वर्षो में अनिवार्य रूप से प्रत्येक बच्चे का टीकाकरण करने के लिए सभी गर्भवती माताओं तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है। इस मिशन में सभी वंचित गर्भवती माताओं व बच्चों को कवर किया जाएगा। इसके लिए विभाग से डियू लिस्ट तैयार करने का निर्देश दिया गया है।

विभाग मिशन इंद्रधनुष के तहत चार अलग-अलग चार चरणों में वंचित बच्चों तक पहुंचेगा। प्रथम चरण 2 दिसंबर से, दूसरा चरण 2 जनवरी 2020, तीसरा चरण 3 फरवरी और अंतिम चरण 2 मार्च से प्रारम्भ होगा। प्रथम चरण में 5 नवंबर तक डियू लिस्ट तैयार करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उसके बाद कर्मियों का प्रशिक्षण कार्यक्रम चलेगा।

सभी बच्चे और गर्भवती मताओं तक पहुंचने के लिए आशा कार्यकर्ताओं समेत ग्रासरूट में काम करने वाली स्वयं सहायता समूह आदि की मदद ली जाएगी। स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम करने वाली स्वयं सहायता समूह और डवलपमेट पाटर्नर यूनीसेफ और ड्ब्लूएचओ की भी मदद ली जाएगी।

जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. सुभाष पासवान ने बताया कि वंचित बच्चे तक पहुंचने के लिए यह कार्ययोजना तैयार की गई है।

Posted By: Jagran

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