पूर्णिया। द्वितीय चरण में पूर्णिया लोक सभा क्षेत्र में हो रहे चुनाव के लिए नाम निर्देशन का कार्य मंगलवार को संपन्न हो गया। अंतिम दिन मंगलवार को 11 प्रत्याशियों ने नाम निर्देशन पत्र दाखिल किया। जबकि इससे पूर्व छह उम्मीदवारों ने अपने पर्चे दाखिल किए थे। यानि लोस चुनाव-2019 के लिए क्षेत्र से कुल 17 प्रत्याशियों ने नाम निर्देशन पत्र दायर किया है।

अंतिम दिन अधिकांश निर्दलीय ने भरा पर्चा

अंतिम दिन मंगलवार को सबसे अधिक 11 प्रत्याशियों ने नामांकन पर्चा दाखिल किया जिनमें अधिकांश निर्दलीय हैं। मंगलवार को पर्चा दाखिल करने वाले में सबसे महत्वपूर्ण झारखंड मुक्ति मोर्चा के प्रत्याशी मंजु मुर्मू रहीं उनके अलावा सभी निर्दलीय उम्मीदवारों ने पर्चा भरा। हालांकि बसपा उम्मीदवार जितेंद्र उरांव ने भी मंगलवार को दोबारा दो सेट में नामांकन दाखिल किया। उन्होंने सोमवार को भी अपना नाम निर्देशन पत्र दायर किया था। उनके अलावा अन्य निर्दलीय उम्मीदवारों में अर्जुन सिंह, राजेश कुमार, अनिरूद्ध मेहता, सनोज कुमार चौहान, शोभा सोरेन, राजेश कुमार वर्मा, अशोक कुमार साह, सुभाष कुमार ठाकुर, राजीव कुमार सिंह एवं सागीर अहमद शामिल हैं।

प्रत्याशियों की संख्या हुई 17

लोक सभा क्षेत्र में नाम निर्देशन पत्र दाखिल करने की शुरुआत 19 मार्च को हुई थी। पहले ही दिन जदयू के अधिकृत प्रत्याशी संतोष कुमार कुशवाहा एवं निर्दलीय डॉ. मृत्युंजय कुमार झा सहित दो ने नामांकन पर्चा दाखिल किया था। इसके बाद दो दिन होली का अवकाश था तथा एक दिन रविवार की छुट्टी थी। इसके बाद सोमवार को कार्यालय खुला। सोमवार को कार्यालय खुलते ही कांग्रेस उम्मीदवार उदय सिंह उर्फ पप्पू सिंह, बसपा के जितेंद्र उरांव व निर्दलीय उम्मीदवार सहित चार ने नामांकन पत्र दाखिल किया था। इसके बाद अंतिम दिन 11 ने पर्चा भरा। यानि लोक सभा क्षेत्र के चुनावी दंगल में कुल 17 प्रत्याशियों ने अपना भाग्य आजमाने के लिए नाम निर्देशन पत्र दाखिल किया है।

आज होगी नाम निर्देशन पत्र की संवीक्षा

लोक सभा निर्वाचन के लिए दायर हुए नामांकन पत्रों की संवीक्षा बुधवार को होगी। इस दौरान भरे गए नामांकन पत्रों में त्रुटि की जांच की जाएगी। प्रत्याशी के नामांकन पत्र में अगर कोई त्रुटि होगी तो संबंधित उम्मीदवार को उस त्रुटि को दूर करने का मौका दिया जाएगा। स्क्रूटनी का कार्य सुबह 11 बजे से शुरू होगा। पत्रों की जांच के दौरान उम्मीदवारों को उपस्थित रहने को कहा गया है। यदि कोई उम्मीदवार नहीं आ सकता है तो उनके प्रतिनिधि भी वहां मौजूद रह सकते हैं। जांच के दौरान अगर किसी प्रत्याशी का पर्चा अपूर्ण पाया जाता है अथवा त्रुटिपूर्ण पाया जाता है तो उसे रद्द किया जा सकता है। बताया जा रहा है कि निर्दलीय प्रत्याशियों के नामांकन पत्रों में काफी त्रुटिया हैं। ऐसे में उनके नामांकन पत्र के रद होने का खतरा मंडरा रहा है। संवीक्षा के बाद प्रत्याशी 29 मार्च को अपना नाम वापस ले सकेंगे।

Posted By: Jagran

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