पूर्णिया। शौचालय निर्माण की धीमी गति एवं लाभुकों को भुगतान में देरी पर जिला को-ऑर्डिनेटर एवं सभी प्रखंड को-ऑर्डिनेटर पर कार्रवाई की गाज गिरी है। डीएम ने सब से स्पष्टीकरण मांगते हुए अगले आदेश तक के लिए वेतन पर रोक लगा दी है।

जिले में शौचालय निर्माण की रफ्तार अभी भी धीमी है। आगामी गांधी जयंती के मौके पर दो अक्टूबर तक सभी पंचायतों को खुले में शौचालय मुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए डीएम ने सभी पंचायतों में युद्ध स्तर पर कार्य करने का निर्देश दिया है। ग्रामीण विकास विभाग समेत जीविका को इस कार्य में लगाया गया है। बावजूद अभी तक 60 फीसद शौचालय का निर्माण भी पूरा नहीं हो पाया है। वहीं जिन लाभुकों ने शौचालय का निर्माण पूर्ण कर लिया है उन्हें को-ऑर्डिनेटर की लापरवाही के कारण सहायता राशि का भुगतान नहीं किया जा सका है।

डीएम ने समीक्षा बैठक में जिला को-ऑर्डिनेटर को शौचालय निर्माण में गति लाने का निर्देश दिया था। उन्होंने हर हाल में दो अक्टूबर से पहले सभी पंचायतों को ओडीएफ करने के लिए अभियान चलाने का निर्देश दिया था। लेकिन बार-बार स्मारित किए जाने के बावजूद पंचायतों में इसका निर्माण लक्ष्य के अनुरूप नहीं हो पा रहा है। वहीं कई पंचायतों से शौचालय निर्माण कर लेने वाले लाभुकों ने डीएम से सहायता राशि नहीं दिए जाने की शिकायत की थी। डीएम ने इसे गंभीरता से लेते हुए जिला कोआर्डिनेटर विनय झा सहित सभी प्रखंड को-ऑर्डिनेटर से स्पष्टीकरण मांगते हुए सभी के वेतन पर अगले आदेश तक के लिए रोक लगाने का निर्देश दिया। डीएम ने कहा है कि जब तक लक्ष्य के अनुरूप शौचालय के निर्माण में गति नहीं आएगी तब तक वेतन का भुगतान नहीं किया जायेगा।

Posted By: Jagran