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सिनेमा हॉल बना सत्संग केंद्र! पूर्णिया में 'हनुमान अंश' देखने रोज आते हैं बजरंगबली, एक सीट पर बिछता है आसन

Published: Wed, 09 Sep 2026 07:13 PM (GMT+05:30)

Hanuman Ansh:पूर्णिया के रूपवाणी सिनेमा हॉल में 'हनुमान अंश' फिल्म के प्रदर्शन के दौरान एक सीट पवनपुत्र हनुमान जी के ...और पढ़ें

HighLights

  1. पूर्णिया के रूपवाणी सिनेमा में 'हनुमान अंश' का प्रदर्शन।

  2. प्रत्येक शो में हनुमान जी के लिए एक सीट आरक्षित।

  3. दर्शक भक्तिभाव से नंगे पांव फिल्म देखने पहुंच रहे।

ड‍िज‍िटल डेस्‍क, पूर्णिया। Hanuman Ansh:  पूर्णिया के ऐतिहासिक रूपवाणी सिनेमा हॉल में इन दिनों भक्ति, आस्था और सिनेमा का एक दुर्लभ संगम देखने को मिल रहा है। आमतौर पर सीटियों और तालियों के लिए पहचाने जाने वाले सिनेमा हॉल का वातावरण किसी पवित्र देवालय या सत्संग भवन जैसा नजर आ रहा है। मौका है धार्मिक और आध्यात्मिक पृष्ठभूमि पर बनी फिल्म 'हनुमान अंश' के प्रदर्शन का, जो 6 सितंबर से यहां के बड़े पर्दे पर चल रही है।

फिल्म को लेकर दर्शकों का उत्साह और धार्मिक समर्पण इतना गहरा है कि हॉल प्रबंधन से लेकर दर्शक तक इसे किसी फिल्म की तरह नहीं, बल्कि एक धार्मिक अनुष्ठान के रूप में ले रहे हैं। फिल्म के दौरान सबसे अनूठा और विस्मयकारी दृश्य हॉल की एक खास सीट को लेकर देखने को मिल रहा है। 258 सीटों की क्षमता वाले इस सिनेमा हॉल में प्रत्येक शो के दौरान एक सीट विशेष रूप से 'पवनपुत्र हनुमान जी' के लिए आरक्षित रखी जाती है।

Hanuman Ansh Purnea Cinema Reserves Seat for Lord Hanuman (1)

सिनेमा हॉल के मालिक विशेक चौहान बताते हैं कि प्रतिदिन सुबह शो शुरू होने से पहले पंडितों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार और हनुमान चालीसा पाठ के साथ उस आरक्षित कुर्सी पर विधि-विधान से लाल आसन बिछाकर हनुमान जी को स्थापित किया जाता है। दोपहर 11:30 बजे से 2:00 बजे तक चलने वाले इस शो के समाप्त होते ही पूरी श्रद्धा से आरती-पूजन के उपरांत उन्हें पुनः मंदिर ले जाया जाता है। विशेक चौहान कहते हैं, "शो के दौरान पूरे परिसर में ऐसी आलौकिक सकारात्मक ऊर्जा होती है कि ऐसा प्रतीत होता है मानो स्वयं हनुमान जी यहां बैठकर पूरी फिल्म देख रहे हैं।"

Hanuman Ansh Purnea Cinema Reserves Seat for Lord Hanuman

'जय संतोषी मां' जैसा दौर लौटा, नंगे पांव आ रहे दर्शक

सिनेमा हॉल के संचालक विशेक चौहान के अनुसार, दर्शकों की मांग और रुझान को देखते हुए यह फिल्म करीब 1975 के उस दौर की याद दिला रही है, जब 'जय संतोषी मां' फिल्म को देखने के लिए लोग पूजा की थाली लेकर सिनेमाघरों में पहुंचते थे। भारी जन-मांग के बावजूद टॉक्सिक और मिर्जापुर जैसी फिल्मों के पूर्व-निर्धारित शेड्यूल के कारण 'हनुमान अंश' को यहां 10 दिन की देरी से लगाया गया, लेकिन पर्दे पर आते ही एडवांस बुकिंग की होड़ मच गई।

  • पूर्णिया के ऐतिहासिक रूपवाणी सिनेमा में प्रदर्शित हो रही फिल्म 'हनुमान अंश', हॉल का माहौल बना सत्संग जैसा

  • हर शो में एक सीट 'हनुमान जी' के नाम पर आरक्षित; वैदिक मंत्रोच्चार व चालीसा पाठ के बाद बिछाया जाता है पवित्र आसन

  • सिनेमा मालिक विशेक चौहान का दावा- ऐसा महसूस होता है मानो स्वयं पवनपुत्र आकर हॉल में देख रहे हों पूरी फिल्म

  • स्नान-पूजन कर, माथे पर तिलक लगाकर नंगे पांव पहुंच रहे दर्शक; सिनेमा प्रबंधन मंगलवार-शनिवार बांट रहा हनुमान चालीसा

  • 'जय संतोषी मां' जैसा क्रेज! पूर्णिया के थिएटर में हनुमान जी के लिए सीट आरक्षित, दर्शक हाथ जोड़कर देख रहे फिल्म

Hanuman Ansh Purnea Cinema Reserves Seat for Lord Hanuman (2)

दर्शकों का समर्पण ऐसा है कि कई लोग सुबह घर से स्नान-ध्यान कर, माथे पर चंदन-तिलक लगाकर और नंगे पांव ही सिनेमा हॉल पहुंच रहे हैं। पूरे ढाई घंटे के शो के दौरान हॉल में पिन-ड्रॉप साइलेंस रहता है। कई श्रद्धालु दर्शक तो पूरे समय हाथ जोड़कर भाव-विभोर होकर स्क्रीन को निहारते रहते हैं।

स्वतः गूंज उठता है हनुमान चालीसा, प्रबंधन कर रहा वितरण

फिल्म के दौरान कई भावुक और चमत्कारी दृश्यों पर दर्शक सिनेमा हॉल के भीतर ही सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ शुरू कर देते हैं। दर्शकों की इस अगाध श्रद्धा को देखते हुए रूपवाणी सिनेमा प्रबंधन ने भी एक नई पहल शुरू की है। प्रबंधन की ओर से प्रत्येक मंगलवार और शनिवार को शो देखने आने वाले दर्शकों के बीच नि:शुल्क हनुमान चालीसा की प्रतियों का वितरण किया जा रहा है।

विशेक चौहान का कहना है कि आज के दौर में जब सिनेमा सिर्फ विशुद्ध मनोरंजन और एक्शन तक सीमित रह गया है, ऐसे में 'हनुमान अंश' जैसी फिल्म का चलना और लोगों का ऐसा जुड़ाव अपने आप में गौरवपूर्ण है। जिस तरह से दर्शकों का तांता लग रहा है, उससे साफ संकेत है कि यह फिल्म कम से कम दो माह तक हाउसफुल चलने वाली है।