पूर्णिया। झोलाछाप डॉक्टर ने एक नवजात शिशु की ¨जदगी पलक झपकते ही छीन लिया। बाद में कुछ लोगों ने डाक्टर के तरफ से मामले को रफा-दफा करने के लिए परिजनों को डरा-धमका कर कुछ रुपये का प्रलोभन देकर भगा दिया। नवजात की मौत के बाद डॉक्टर और उसकी महिला सहायक क्लीनिक छोड़कर भाग निकले। जानकारी के अनुसार गुलाबबाग नाका के समीप गुलाब ईश्वर शिव-मंदिर के सामने झोलाछाप डॉक्टर का क्लीनिक का है। इस घटना के बाद गुलाबबाग नाका से कुछ ही दूरी पर घंटों सड़क के किनारे हंगामा होता रहा पर नाका पर तैनात कोई भी सिपाही ने घटना स्थल पर जाना मुनासिब नहीं समझा। बताया जाता है कि खगड़िया जिले के निवासी अटल शर्मा गुलाबबाग ऐनामहल में रहकर मंडी में मजदूरी करते हैं। अटल शर्मा के डेढ़ वर्षीय पुत्र राजकुमार को मंगलवार को ठंडी से हल्की खासी व बुखार हुआ था। अटल बच्चे को इलाज के लिए गुलाब ईश्वर शिव मंदिर के सामने स्थित झोलाछाप डॉक्टर एके गुप्ता के पास ले गए। डाक्टर ने बच्चे को निमोनिया बताकर दवा दिया, लेकिन बच्चे की हालत खराब होते देख परिजन गुरुवार को डॉक्टर के पास ले गये। डॉक्टर के इलाज करने पर  बच्चे की स्थिति बिगड़ने लगी।  यह देखते हुए डॉक्टर ने कहा कि बच्चे को पूर्णिया ले जाओ। बच्चे को पूर्णिया ले जाने के दौरान रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। बच्चे को लेकर परिजन वापस क्लीनिक पहुंचे तथा शव रखकर हंगामा करना शुरू कर दिया। डाक्टर के लोगों ने पहले तो उन लोगों को डरा-धमका कर भगाने का प्रयास किया। उसके बाद स्थानीय लोगों की मदद से परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया गया और मामले को रफा-दफा करने में डाक्टर के पुत्र जुट गए। घटना के संबंध में बच्चे के पिता अटल शर्मा ने बताया कि वह परिवार के साथ ऐनामहल वार्ड संख्या 37 में किराए के मकान में रहकर मंडी में मजदूरी करता हैं। इंसाफ नहीं मिलने के बाद वापस हमलोग बच्चे का शव लेकर घर आ गए। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि झोला छाप डॉक्टर एके गुप्ता के यहां पूर्व में भी ऐसी घटना घट चुकी है। घटना होने के बाद इनके कुछ लोग पीड़ित को भगा देते हैं या मारपीट कर वहां से हटा देते हैं। उसके बाद क्लीनिक का शटर डाउन कर डॉक्टर को लेकर निकल जाते हैं।

By Jagran