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अब मोबाइल ऐप से घर बैठे होगी खाद की बुकिंग, Bihar Farmer ID जरूरी; आधार-ओटीपी से होगा वेरिफिकेशन

Published: Tue, 08 Sep 2026 02:44 PM (IST)

पूर्णिया के किसान अब 'फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल' ऐप के माध्यम से घर बैठे खाद की बुकिंग कर सकेंगे, जिससे वितरण में पारदर्शिता आएगी।

अब मोबाइल ऐप से घर बैठे होगी खाद की बुकिंग, फार्मर आईडी जरूरी (AI Generated Image)

अब मोबाइल ऐप से घर बैठे होगी खाद की बुकिंग, फार्मर आईडी जरूरी (AI Generated Image)

HighLights

  1. किसान अब मोबाइल ऐप से घर बैठे खाद बुक करेंगे।

  2. 'फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल' ऐप से पारदर्शिता बढ़ेगी।

  3. पूर्णिया में 1 सितंबर से बुकिंग शुरू, हजारों किसानों को लाभ।

मनोज कुमार, पूर्णिया। किसानों को अब खाद के लिए उर्वरक दुकानों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। किसान अब ऐप के माध्यम से खाद की बुकिंग कर सकेंगे। फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल के नाम से डिजिटल प्रणाली विकसित किया गया है। इसके तहत किसान घर बैठे मोबाइल ऐप के माध्यम से अपनी जरूरत के अनुसार खाद की बुकिंग कर सकेंगे।

इसके लिए किसान की फार्मर आईडी होना अनिवार्य है। मोबाइल ऐप पर आधार संख्या और ओटीपी के माध्यम से किसान की पहचान का सत्यापन होगा। ऐप पर किसान अपने खेत और फसल का विवरण दर्ज कर आसानी से मोबाइल से ही खाद की बुकिंग कर रहे हैं।

बुकिंग के बाद मोबाइल पर मिलने वाले क्यूआर कोड को अधिकृत विक्रेता के पास स्कैन कराने पर तुरंत खाद उपलब्ध कराई जाएगी।

कृषि कर्मियों को दी गई है जागरूकता की जिम्मेदारी

अधिकारियों का मानना है कि इससे खाद के वितरण में पारदर्शिता आएगी और वास्तविक किसानों तक उर्वरक पहुंचाने में मदद मिलेगी। नई व्यवस्था को लेकर किसानों को जानकारी देने की जिम्मेदारी पंचायत एवं प्रखंड स्तर के कृषि कर्मियों को दी गई है।

किसान सलाहकार, कृषि फसल की जानकारी ऐप में दर्ज करेंगे तो उसके अनुसार उर्वरक की उचित मात्रा ऐप पर दिखेगी।

जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि जिन किसानों की फार्मर आईडी नहीं बनी है, उन्हें पहले इसे बनवाना होगा। फार्मर आईडी बनने के बाद किसान मोबाइल ऐप के माध्यम से खाद की बुकिंग कर सकेंगे।

कृषि विभाग का मानना है कि डिजिटल बुकिंग शुरू होने के बाद खाद की उपलब्धता और वितरण पर निगरानी पहले से अधिक प्रभावी होगी।

बटाइदार भी कर सकेंगे खाद का उठाव

जिन किसानों की जमीन उनके नाम पर दर्ज है, वे आसानी से इस व्यवस्था का लाभ उठा सकेंगे। जिन किसानों के पूर्वजों के नाम जमीन दर्ज है या जिनका नाम जमाबंदी में नहीं है, उनके लिए भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत फार्मर आईडी बनाने की व्यवस्था की गई है।

संयुक्त स्वामित्व वाली जमीन समेत जिन किसानों की फार्मर रजिस्ट्री आईडी नहीं बनी है, जो बटाईदार हैं या फिर सामुदायिक, मंदिर, सरकारी अथवा संस्थागत जमीन पर खेती करते हैं, उनके लिए भी इस निर्धारित प्रक्रिया के तहत खाद लेने की पूरी व्यवस्था की गई है।

विभिन्न प्रकार की जमीन पर खेती करने वाले किसान भी निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार इस व्यवस्था से जुड़ सकेंगे।

जिले में ऐप के माध्यम से एक सितंबर से खाद की बुकिंग शुरू हो गई है। इस डिजिटल पहल का उद्देश्य किसानों को उनकी जरूरत के अनुसार अनुशंसित मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराना और पूरी बिक्री व्यवस्था में पारदर्शिता लाना है। जिले में अब तक 4,846 किसानों ने ऐप के माध्यम से खाद की बुकिंग की है जिन्हें नियमानुसार उर्वरक उपलब्ध कराया जा रहा है। - विजय प्रकाश, जिला कृषि पदाधिकारी, पूर्णिया