मधेपुरा [जेएनएन]। मुजफ्फरपुर बालिका गृह यौन हिंसा के मामले ने देश को हिला दिया था। लेकिन, बिहार में यह अपनी तरह का अकेला मामला नहीं था। ऐसा ही एक मामला पूर्णिया के शेल्टर हाेम में भी उजागर हुआ है। सहरसा की एक पीडि़त नाबालिग लड़की ने इसका खुलासा किया है।

मिली जानकारी के अनुसार गुरुवार को सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव से मिलकर नाबालिग ने आपबीती सुनाई। उसने कहा कि वहां रहने वाली लड़कियों के साथ भी गलत हो रहा है। सांसद ने मुजफ्फरपुर की तरह पूर्णिया बालिका गृह की जांच भी सीबीआइ से कराने की मांग की है। सांसद पप्पू यादव ने कहा है कि यदि मामले की सीबीआइ जांच नहीं हुई तो वे आंदोलन करेंगे।
यह है घटना
सांसद को दिए गए आवेदन में पीडि़ता ने बताया कि 2008 की कुसहा त्रासदी के दौरान उसके माता-पिता बाढ़ में बह गए थे। वह दादी के साथ रह रही थी। इसके बाद वह सहरसा के आकांक्षा गृह में रहने लगी। 2017 में वहां से उसे और आठ अन्य लड़कियों को पूर्णिया शेेल्टर हाउस भेज दिया गया। यहां उसे यातना दी जाती थी। पीडि़ता ने आरोप लगाया कि पूर्णिया शेल्टर हाउस में उसके साथ दुराचार किया जाता था। इस काम में दो अधिकारी भी शामिल थे।
उसके अनुसार बाहर से भी लोग पहुंचते थे और बालिका गृह की अन्‍य लड़कियों से भी दुराचार किया जाता था। पीडि़ता ने अनुरोध किया है कि शेल्टर हाउस की सभी लड़कियों से एकांत में बात कर सच का पता लगाया जा सकता है। आवेदन की प्रतिलिपि पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को भी दी गई है।
अधिकारी बोले: घटना की जानकारी नहीं
इस बाबत पूर्णिया बाल संरक्षण आयोग के सहायक निदेशक अमितेष मिश्रा का कहना है कि उन्‍हें ऐसी किसी घटना की कोई जानकारी नहीं हैं। अगर मामला सामने आता है तो इसकी जांच कराकर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। महिला बाल कल्याण समिति की चेयर पर्सन प्रेमलता ने भी इस तरह की किसी भी घटना के प्रति अनभिज्ञता जताई।

Posted By: Amit Alok

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