पूर्णिया। दहेज हत्या के एक मामले में मृतका के पति को उम्रकैद और सास असगरी और ससुर मो. मुजीब को सात-सात वर्ष कैद की सजा दी गयी है।

यह सजा बुधवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश रमेश चन्द्र मिश्र ने सत्रवाद विचारण संख्या 093/ 18 बायसी थाना कांड संख्या 11/17 के तहत सुनाई है। मृतका के पिता ने प्राथमिकी दर्ज करायी थी। इस मामले में कुल नो गवाहियां न्यायालय में संचलन हुई थी। चिकित्सीय रिपोर्ट में मृतका की मृत्यु गला दबाकर की गयी थी। प्राथमिकी के अनुसार सूचक हसीमुद्दीन के पुत्री की शादी अभियुक्त मो. साहबुल से घटना के करीब चार वर्ष पूर्व दहेज दान के साथ हुई थी। शादी के कुछ दिन बाद से सूचक के पुत्री को अभियुक्तगण पचास हजार रूपये और मोटर साइकिल मौके से लाने के लिए मारपीट गाली गलौज करते थे। पति मो. साहबुल पंजाब में काम करता था। 20 जनवरी 2017 को साहबुल ने सूचक को फोन किया कि पुत्री को सामान जेवरात के साथ भेज दो पंजाब से आ गया हूं। 21 जनवरी को पुत्री को उसके ससुराल सूचक ने भेज दिया। 26 जनवरी 2017 को शहरूल ने सूचक को फोन किया कि दो चार लप्पड़ मारा तो आपकी पुत्री गले में फांसी लगाकर मर गयी है। जाने पर पुत्री मरी थी और अभियुक्त फरार थे। पुत्री के गले और पीठ पर काला निशान था।

Posted By: Jagran

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस