पटना, जेएनएन। लोगों की बिगड़ी जीवनशैली (Life Style) से युवाओं में भी हार्ट की बीमारी (Heart Disease) तेजी से बढ़ रही है। यह एक गंभीर खतरे का संकेत है। युवाओं (Youths) में हार्ट की बीमारी होने का मुख्य कारण है, खान-पान एवं रहन-सहन में बदलाव। इससे राज्य के उत्पादकता भी प्रभावित हो सकती है। इसके प्रति लोगों को जागरूक करना बहुत जरूरी है। 

वसाजनित भोज्य पदार्थों से बढ़ रही परेशानी

डॉक्टरों के अनुसार वर्तमान में वसा जनित भोजन का प्रचलन तेजी से बढ़ा है। इसके कारण लोगों मे डायबिटीज की समस्या तेजी से पांव पसार रही है। इसके अलावा पश्चिम देशों की तरह हमारे देश में भी बाहर खाने का प्रचलन तेजी से बढ़ रहा है। यह गंभीर खतरे की घंटी है। कभी-कभार बाहर खाना तो ठीक है, लेकिन आए दिन बाहर खाने की आदत आपको बीमार बना सकती है। बाहर के खाने में वसा प्रचुर मात्रा में होती है। फलस्वरूप युवा शुगर एवं बीपी का शिकार हो रहे हैं। 

तनाव दे रहा खतरे का संकेत

आजकल युवाओं में भागदौड़ काफी बढ़ गई है। इस कारण वे तनाव के शिकार हो रहे हैं। तनाव ज्यादा बढऩे पर युवा कई बीमारियों के शिकार हो रहे हैं। 

हार्ट के मरीजों के लक्षण

  • चलने पर सीने में दर्द होना
  • छाती में भारीपन का अहसास
  • सीढ़ी चढऩे पर सांस फूलना
  • चलते समय आंखों के सामने अंधेरा छाना
  • कभी भी बेहोश हो जाना
  • हाथ-पैरों में सूजन होना 
  • कभी-कभी सीने में दर्द होना 

नियमित व्यायाम से बीमारी पर नियंत्रण संभव 

नियमित व्यायाम से हार्ट की बीमारी पर नियंत्रण स्थापित किया जा सकता है। इसके अलावा खानपान में भी संयम की जरूरत होती है। हार्ट के मरीज मीठी चीजों से दूर रहें तो बेहतर होगा। ज्यादा दूध का सेवन भी हार्ट के मरीजों के लिए नुकसानदायक हो सकता है। चिकित्सक की सलाह से नियमित दवाओं का सेवन हार्ट के मरीजों लिए काफी लाभदायक साबित होता है। भोजन में चावल का उपयोग नियंत्रित मात्रा में ही करें। 

वजन पर नियंत्रण बहुत जरूरी 

हार्ट के मरीजों को वजन पर नियंत्रण करना बहुत जरूरी है। ज्यादा वजन बढऩे पर बीमारी ज्यादा गंभीर हो जाती है। अगर परिवार में किसी को टाइप टू डायबिटीज है तो हार्ट की बीमारी होने की आशंका काफी बढ़ जाती है। 


पूरी नींद जरूरी 

हार्ट के मरीजों के लिए स्वास्थ्य पर ध्यान देना बहुत जरूरी है। जरा-सी लापरवाही उनके लिए जानलेवा साबित हो सकती है। इसके लिए जरूरी है कि समय पर सात घंटे की पूरी नींद लें। कम नींद भी तनाव का कारण बन सकती है। तनाव बढऩे पर हार्ट की समस्या ज्यादा गंभीर हो जाती है। 

- डॉ. अशोक कुमार, हार्ट रोग विशेषज्ञ, इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान, पटना  

 

Posted By: Rajesh Thakur

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