पटना। महिला विकास निगम की ओर से ज्ञान भवन में आयोजित पांच दिवसीय महिला उद्यमी मेले का सोमवार को समापन हो गया। इस मौके पर उद्यमियों का हौसला बढ़ाने के लिए ग्रामीण विकास विभाग के प्रधान सचिव अरविंद कुमार चौधरी मौजूद थे।

उन्होंने कहा, यह मेला महिलाओं कि प्रतिभा का निखारने के लिए बहुत जरूरी है। साथ ही उन्होंने कहा कि आगे भी ऐसे मेले का आयोजन होता रहेगा। वहीं, महिला विकास मंच की प्रबंध निदेशक हरजौत कौर ने कहा कि मार्च में होली के पहले महिला के लिए एक मेले का आयोजन किया जाएगा, जिसमें राष्ट्रीय स्तर पर भी बात की जा रही है। मेले में कुल 150 स्टॉल लगाए गए थे, जिसमें सबसे ज्यादा बांस के सामान और घरेलू उत्पाद के साथ डिजाइनर कपड़ों को पसंद किया गया। इस मेले में कुल 50 लाख रुपये के उत्पादों की बिक्री हुई। मेले में इन स्टॉल धारकों को मिला सम्मान :

सर्वाधिक बिक्री स्टॉल सम्मान : ऋचा कुमारी

सर्वाधिक इनोवेटिव स्टॉल सम्मान : प्रतिभा राज

युवा उद्यमी स्टॉल सम्मान : प्रिया पांडेय

सर्वाधिक सुसज्जित स्टॉल : सीता कनोडिया

विलुप्त उत्पाद प्रोत्साहन स्टॉल : लाखो देवी

सर्वाधिक अनुशासित स्टॉल : जाहिदा बेगम

प्रेरणादूत सम्मान : राजकुमारी देवी उर्फ किसान चाची

------------------ 'रसप्रिया' में दिखी गांव की अच्छाई-बुराई

पटना। 30वें पटना थिएटर फेस्टिवल के पांचवें दिन प्रयोगशाला, नवादा संस्था की ओर से राजीव रंजन निर्देशित नाटक 'रसप्रिया' का मंचन कालिदास रंगालय में किया गया। इसमें पंचकौड़ी मृदंगिया और रमपतिया के प्रेम का अत्यंत संवेदनापूर्ण, किंतु एंटी रोमांटिक चित्रण है। इसमें पूर्वी बिहार के गांव-गिराव के परिवेश के साथ सजीव रूप में अंकित हैं। 'रसप्रिया' आजादी के बाद बिहार के गांव में जमींदारों का प्रभुत्व, शोषण-तंत्र, जाति व्यवस्था की समस्याएं, विद्यापति नाच की संस्कृति, भूत-डायन के अंधविश्वास आदि वर्णन है। पंचकौड़ी व रमपतिया की प्रेमकथा के माध्यम से एक गांव के परिवेश को उसकी समस्त अच्छाइयों-बुराइयों को अंकित करने का प्रयास है।

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