पटना, अरविंद शर्मा ।  कोलकाता में रविवार को बिहार विधान सभा में नेता प्रतिपक्ष व राजद नेता तेजस्वी यादव की ममता बनर्जी से मुलाकात होनी थी, जो नहीं हो सकी। यह मुलाकात अब सोमवार को होगी। पश्चिम बंगाल चुनाव में तृणमूल के साथ राजद के गठबंधन पर बातचीत से पहले तेजस्वी ने अपने पदाधिकारियों एवं प्रमुख कार्यकर्ताओं से विमर्श किया। राजद का झुकाव सीएम ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल के पक्ष में है, जबकि कांग्रेस एवं वामदलों के मोर्चा को राजद का इंतजार है।

मुूलाकात के बाद तय होगी गठबंधन की बात

सोमवार को ममता के साथ तेजस्वी की मुलाकात के बाद ही तय होगा कि विधानसभा चुनाव में राजद किसके साथ खड़ा रहेगा। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव श्याम रजक ने बताया कि हमारी लड़ाई भाजपा से है। प्रदेश स्तरीय कार्यकर्ता बैठक में भी यही बात उभर कर आई कि किसी भी हाल में भाजपा को पनपने नहीं देना है। अब सोमवार की बैठक के बाद ही तय होगा कि पश्चिम बंगाल में राजद कितनी सीटों पर और किसके साथ मिलकर लड़ेगा।

पश्चिम बंगाल और असम के विधानसभा चुनाव (West Bengal and Assam Assembly Elections) में राजद (RJD)  के लिए जमीन तैयार करने की जिम्मेवारी पहले तो अब्दुल बारी सिद्दीकी (Abdul Bari Siddiqui) और श्याम रजक (Shyam Rajak) के हवाले थी। किंतु चुनाव की घोषणा होने के साथ ही इस काम को नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने खुद अपने हाथों में ले लिया है। बिहार विधानसभा के बजट सत्र के बीच में ही तेजस्वी ने तीन दिनों का समय निकाला है और दोनों राज्यों के चुनावी दौरे पर निकल गए। गुवाहाटी (Gwahati) में उन्होंने असम कांग्रेस अध्यक्ष रिपुन बोरा (Assam Congress President Ripun Bora)  एवं ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट के बदरुद्दीन अजमल (All India United Democratic Front Badruddin Azmal )  से मुलाकात की है। आज रविवार को कोलकाता मेें ममता बनर्जी (Mamta Banerjee) से मुलाकात होनी थी, जो अब कल सोमवार को होगी।

राजद ने जिद छोड़ने का मूड बना लिया

तेजस्वी की पूरी कवायद को तालमेल की राजनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। खबर यह भी है कि राजद ने सीटों के मसले पर जिद छोडऩे का मूड बना लिया है। मतलब ममता अपनी मर्जी से एक-दो सीटें भी दे देंगी तो राजद को वह भी मंजूर हो जाएगा। राजद ने अपने दो बड़े नेताओं को तीन हफ्ते से पश्चिम बंगाल और असम के अभियान पर लगा रखा है। अब्दुल बारी सिद्दीकी एवं श्याम रजक ने दो सप्ताह पहले ममता के भतीजा अभिषेक बनर्जी से भी मुलाकात की थी। राजद का प्रस्ताव रखा था, जिसमें कुल छह सीटों की मांग थी। किंतु तृणमूल की तरफ से अभी तक कोई जवाब नहीं आया तो निराशा स्वाभाविक है। चुनाव की तिथियों की घोषणा के साथ ही राजद की बेचैनी बढ़ गई है, क्योंकि कांग्रेस और वामदलों के मोर्चे ने राजद के लिए दरवाजा खोल रखा है। उन्हें आज भी इंतजार है, जबकि राजद की प्राथमिकता में ममता बनर्जी हैं।

राजद के राष्ट्रीय महासचिव श्याम रजक (Shyam Rajak) ने दावा किया है कि ममता की ओर से बुलावा आया है।  इससे आगे वह कुछ नहीं बताना चाहते हैं। बोले- इंतजार कीजिए। हमें भाजपा को बंगाल से दूर रखना है। सीटों की संख्या कोई मसला नहीं है।

असम में तालमेल तय

गुवाहाटी में कांग्रेस के रिपुन बोरा और बदरुद्दीन अजमल से तेजस्वी यादव की मुलाकात के बाद राजद उत्साहित है। श्याम रजक ने दावा किया कि तालमेल तय हो गया है। सीटों का मसला भी जल्द ही सुलझा लिया जाएगा। सूत्रों का दावा है कि 126 विधानसभा सीटों वाले असम में राजद के हिस्से में पांच सीटें आ सकती हैं। बिहारी मूल के लोगों की तादाद और प्रभाव को देखते हुए कोई दल राजद को नजरअंदाज करने की स्थिति में नहीं है। बिहार में राजद की सहयोगी कांग्रेस की भी इच्छा है कि असम में तेजस्वी का साथ मिल सके।

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